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हाईस्कूल में दोनाे के बीच पनपा प्यार फिर प्रेमी-युगल ने एक दूजे का हाथ पकड़ थामा मौत का दामन
Mon, 08 Jul 2019 12:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 08 Jul 2019 12:19 AM IST
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शवघर में मृतका के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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किस्मत ने प्यार का साथ नहीं दिया और उनके बीच के रिश्तों को समाज ने मान्यता नहीं दी तो प्रेमी-युगल ने एक दूजे का हाथ पकड़ मौत का दामन थामना ही उचित समझा। दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह घटना हरदोई के बघौली की है। थाना क्षेत्र के ग्राम तेरवा निवासी प्रियापाल (17) पुत्री भन्नूपाल पांच बहनों में तीसरे नंबर की थी। वह दो वर्ष पूर्व हाईस्कूल में पढ़ रही थी।
इसी दौरान प्रिया की मुलाकात पहाड़पुर निवासी रियाज (20) पुत्र मासूम अली से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरु हो गई। कुछ ही दिनों में दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। इसके बाद एक-साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। वहीं प्रेमी-युगल का छुप-छुप कर मिलने का सिलसिला शुरु हो गया।
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इसी दौरान प्रिया की मुलाकात पहाड़पुर निवासी रियाज (20) पुत्र मासूम अली से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरु हो गई। कुछ ही दिनों में दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। इसके बाद एक-साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। वहीं प्रेमी-युगल का छुप-छुप कर मिलने का सिलसिला शुरु हो गया।
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अलग-अलग समुदाय का होना बनी मौत की वजह, किशोरी के परिजनो को थी प्रेम-प्रसंग की जानकारी
ग्रामीणों की माने तो इनके रिश्तों की भनक परिजनों को भी दी जिसके बाद किशोरी के स्कूल जाने पर भी रोक लगी थी। अलग-अलग समुदाय का होना उनके रिश्तों को मान्य नहीं होने दे रहा था। प्रिया की बहनों को प्रेम-प्रसंग की जानकारी थी। प्रिया के पिता भन्नुपाल ने इस बात को माना कि 15 दिन पूर्व इस संबंध में उन्हे जानकारी मिली थी।
परिजन उसे समझाने का प्रयास कर रहे थ्रे लेकिन प्रिया उसी से शादी करने पर अड़ी थी। प्रिया और रियाज अगल-अलग समुदाय के जरूर थे। लेकिन दोनों समुदाय की दीवार को तोड़कर साथ-साथ रहना चाहते थे। घटना की रात फोन कर मिलने की एक जगह तय की।
जहां पर बैठकर दोनों ने बातचीत की। इसके बाद मौत को चुन लिया। रियाज के पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह हाईस्कूल की पढ़ाई करने के बाद काम की तलाश में दिल्ली चला गया। जहां पर उसने सिलाई का काम सीख लिया था। वह ईद पर घर आया था। तब से यहीं था।
परिजन उसे समझाने का प्रयास कर रहे थ्रे लेकिन प्रिया उसी से शादी करने पर अड़ी थी। प्रिया और रियाज अगल-अलग समुदाय के जरूर थे। लेकिन दोनों समुदाय की दीवार को तोड़कर साथ-साथ रहना चाहते थे। घटना की रात फोन कर मिलने की एक जगह तय की।
जहां पर बैठकर दोनों ने बातचीत की। इसके बाद मौत को चुन लिया। रियाज के पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह हाईस्कूल की पढ़ाई करने के बाद काम की तलाश में दिल्ली चला गया। जहां पर उसने सिलाई का काम सीख लिया था। वह ईद पर घर आया था। तब से यहीं था।