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Kanpur News: संविदा कर्मियों की हड़ताल से कई पीएचसी पर लटके ताले, सीएचसी में इलाज से लेकर टीकाकरण तक प्रभावित, सीएमओ कार्यालय में भी हुआ प्रदर्शन

Sun, 11 Oct 2026 02:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:26 AM IST
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Locks hang on several PHCs due to the strike by contractual staff; services ranging from medical treatment to vaccinations at CHCs have been disrupted, and a protest was also held at the CMO office.
रामबाग ​स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद पडा हुआ    - फोटो : संवाद
कानपुर। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शनिवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर ताले लटके रहे, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टाफ की कमी के चलते कहीं मरीज बिना इलाज लौटे तो कहीं पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए उन्हें जूझना पड़ा। उधर सीएमओ कार्यालय में संविदा कर्मियों का प्रदर्शन लगातार जारी रहा।
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नौबस्ता, लालपुर, रामबाग, बर्रा और उस्मानपुर समेत कई पीएचसी पर संविदा कर्मियों के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने के कारण ताले लटके रहे। रामबाग पीएचसी बंद होने से मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। अचानक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने से दूर-दराज से आए लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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पतारा सीएचसी में हड़ताल के तीसरे दिन भी कामकाज लगभग ठप रहा। यहां 12 एएनएम और 22 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अनुपस्थित रहे। टीकाकरण जैसे जरूरी कार्यों के लिए स्थायी एएनएम की मदद लेनी पड़ रही है। अधीक्षक जय प्रकाश खुद मरीजों को देख रहे हैं। वहीं पर्चा बनवाने और दवा लेने में भी मरीजों को दिक्कतें हुईं।
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घाटमपुर सीएचसी में तीन डॉक्टरों समेत करीब 30 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर रहने से स्थायी कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. पवन सचान मरीजों की जांच कर रहे हैं। पैथोलॉजी, जच्चा-बच्चा सेवाओं और टीकाकरण अभियान पर असर पड़ा है। स्टाफ की कमी के चलते यहां मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।



बातचीत

पैरों में तेज दर्द होने पर पीएचसी आई थी लेकिन यहां ताला लगा मिला। संविदा कर्मियों के हड़ताल पर होने के कारण बिना दवा लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। - गीता, नौबस्ता


बुखार और खांसी की शिकायत पर अस्पताल पहुंचा था लेकिन केंद्र बंद होने से डॉक्टर को नहीं दिखा सका। हड़ताल से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।- राजेश, उस्मानपुर
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