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हिजबुल आतंकी को उम्रकैद: कमरूज्जमा ने कानपुर के तीन धार्मिक स्थल उड़ाने की रची थी साजिश

Tue, 10 Dec 2024 11:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 10 Dec 2024 11:48 PM IST
सार

आतंकी कमरूज्जमा ने कानपुर के तीन धार्मिक स्थल उड़ाने की साजिश रची थी। एटीएस ने वर्ष 2018 में चकेरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

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Life imprisonment to Hizbul terrorist: Qamaruzzama had conspired to blow up three religious places in Kanpur
आतंकी कमरुज्जमा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लखनऊ की एनआईए कोर्ट ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के जिस आतंकी कमरुज्जमा उर्फ डाॅ. हुराय उर्फ कमरुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, उसने शहर के तीन धार्मिक स्थलों को उड़ाने की साजिश रची थी। इसका खुलासा उसके पास मिले मोबाइल की फोटो गैलरी के जरिए हुआ था। मूलरूप से असम के जिला होजाई के जमुनामुख हॉस्पिटल, डेली बाजार इराकापिली निवासी कमरुज्जमा को एटीएस ने चकेरी क्षेत्र से 12 सितंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। इसके मोबाइल फोन में कानपुर के घंटाघर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर, जेके मंदिर और एक अन्य गणेश मंदिर के अलावा एयरपोर्ट की भी फोटो मिली थी। तीनों ही धार्मिक स्थलों को हिजबुल आतंकी ने उड़ाने की साजिश रची थी। आतंकी को गिरफ्तार करने के बाद लखनऊ के एटीएस थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर केस एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया। 24 सितंबर 2018 को एनआईए ने केस को री रजिस्टर किया और मामले में विवेचना शुरू की थी।
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ऐसे पकड़ा गया आतंकी
हिजबुल के आतंकी कमरुज्जमा की एके 47 के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसी के बाद से वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। कश्मीर के किश्तवाड़ से वह लखनऊ और फिर कानपुर के शिवनगर आ पहुंचा, जहां उसने पुजेरी लाल यादव का मकान किराए पर लिया। यहीं से उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जिसके जरिए एटीएस को लोकेशन मिल गई और आतंकी को गिरफ्तार कर लिया।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई सजा
एनआईए की तरफ से इस केस की पैरवी करने वाले एडवोकेट कौशल किशोर शर्मा ने बताया कि आरोपी ने गुवाहाटी में भी एक मामला दर्ज था। उसे वहां पर कोर्ट में हाजिर किया गया था। तब से वो वहीं की जेल में बंद था। एडवोकेट ने बताया कि मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आतंकी को सजा सुनाई गई।

 

इन धाराओं में मिली सजा
-⁠ ⁠धारा 120 बी में 10 वर्ष कठोर कारावास 10000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न जमा करने पर 3 माह सश्रम कारावास
- ⁠धारा 121ए (भारत के अंदर या बाहर रहकर आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) में आजीवन कारावास, 10000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न जमा करने पर 3 माह सश्रम कारावास
- ⁠धारा 17 यूए(पी) एक्ट में 10 वर्ष कठोर कारावास, 10000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न जमा करने पर 3 माह सश्रम कारावास
- धारा 18 यूए(पी)एक्ट में आजीवन कारावास, 10000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न जमा करने पर 3 माह सश्रम कारावास
- धारा 39 यूए(पी)एक्ट में 10 वर्ष कठोर कारावास, 10000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न जमा करने पर 3 माह सश्रम कारावास
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