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Kanpur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
Fri, 02 Oct 2026 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:07 AM IST
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कानपुर देहात। नाबालिग से दुष्कर्म के करीब साढ़े छह साल पुराने मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-13 की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने अभियुक्त महेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर अर्थदंड भी लगाया है।
मुसरिया गांव निवासी महेश के खिलाफ एक फरवरी 2020 को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में मूसानगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित किया। विवेचना पूरी होने के बाद 31 मार्च 2020 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया था।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-13 की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी दलील पेश की। अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्ष की दलील सुनने और गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने महेश को दोषी माना। अदालत ने दोषी महेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मुसरिया गांव निवासी महेश के खिलाफ एक फरवरी 2020 को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में मूसानगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित किया। विवेचना पूरी होने के बाद 31 मार्च 2020 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया था।
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इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-13 की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी दलील पेश की। अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्ष की दलील सुनने और गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने महेश को दोषी माना। अदालत ने दोषी महेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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