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नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन कारावास, 80 हजार रुपये अर्थदंड
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कानपुर देहात। घाटमपुर क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग से हुए दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को दोषी को आजीवन कारावास व 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई एडीजे 15 पाक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी।
घाटमपुर के एक गांव में 12 अगस्त 2017 को स्कूल से लौटने के दौरान छात्रा को खेत में घसीट कर उसके गांव के रीतेश सचान ने दुष्कर्म किया था। साथ ही घटना की जानकारी परिजनों को देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
मामले में पीड़िता की तहरीर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश 15 पॉक्सो एक्ट रघुवर सिंह की कोर्ट में चल रही थी।
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पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। बहस के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता रामरक्षित शर्मा व विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करके समाज को कलंकित करने वाली घटना की है।
इससे ऐसी सजा दी जाए जो नजीर बने। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद दोषी को आजीवन कारावास व 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अर्थदंड की धनराशि से 75 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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घाटमपुर के एक गांव में 12 अगस्त 2017 को स्कूल से लौटने के दौरान छात्रा को खेत में घसीट कर उसके गांव के रीतेश सचान ने दुष्कर्म किया था। साथ ही घटना की जानकारी परिजनों को देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
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मामले में पीड़िता की तहरीर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश 15 पॉक्सो एक्ट रघुवर सिंह की कोर्ट में चल रही थी।
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पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। बहस के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता रामरक्षित शर्मा व विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करके समाज को कलंकित करने वाली घटना की है।
इससे ऐसी सजा दी जाए जो नजीर बने। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद दोषी को आजीवन कारावास व 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अर्थदंड की धनराशि से 75 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी।