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भाई के साथियों के साथ मिलकर की थी प्रेमी की हत्या, प्रेमिका व भाई समेत चार को उम्रकैद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 07:25 PM IST
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अभियुक्तों को जेल ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अवैध संबंध में हुई युवक की हत्या के मुकदमे में अदालत ने प्रेमिका व उसके भाई समेत चार लोगों को उम्रकैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 14 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बांदाः कमासिन कस्बे के उत्तर थोक गांव निवासी जगपत यादव (35) पुत्र चुनकू का शव 3 मार्च 2014 को अमलोहरा गांव के जंगल में कुएं से पुलिस ने बरामद किया था। जगपत के भाई रामबली यादव ने 5 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भाई के पड़ोस की महिला गायत्री पत्नी शिवसेवक के साथ अवैध संबंध थे।
26 फरवरी को वह गायत्री को अपने साथ साइकिल पर बैठाकर उसके मायके अमलोहरा गांव जा रहा था। अपने घर के जेवर और डेढ़ लाख रुपये भी लिए था। साजिश के तहत गायत्री और उसके भाई चंद्रिका यादव उर्फ हरछठिया ने अपने दो साथियों रामबरन यादव व बाबू यादव की मदद से लाठी और कुल्हाड़ियों से जगपत की हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया।
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तफ्तीश के बाद पुलिस ने अदालत में चारों के खिलाफ हत्या व सुबूत मिटाने का आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला जज (त्वरित न्यायाधीश द्वितीय) अनिल कुमार पंचम की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए।
मंगलवार को सुनाए गए फैसले में चारों अभियुक्तों को धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद, धारा 201 (सुबूत मिटाने) में दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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बांदाः कमासिन कस्बे के उत्तर थोक गांव निवासी जगपत यादव (35) पुत्र चुनकू का शव 3 मार्च 2014 को अमलोहरा गांव के जंगल में कुएं से पुलिस ने बरामद किया था। जगपत के भाई रामबली यादव ने 5 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भाई के पड़ोस की महिला गायत्री पत्नी शिवसेवक के साथ अवैध संबंध थे।
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26 फरवरी को वह गायत्री को अपने साथ साइकिल पर बैठाकर उसके मायके अमलोहरा गांव जा रहा था। अपने घर के जेवर और डेढ़ लाख रुपये भी लिए था। साजिश के तहत गायत्री और उसके भाई चंद्रिका यादव उर्फ हरछठिया ने अपने दो साथियों रामबरन यादव व बाबू यादव की मदद से लाठी और कुल्हाड़ियों से जगपत की हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया।
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तफ्तीश के बाद पुलिस ने अदालत में चारों के खिलाफ हत्या व सुबूत मिटाने का आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला जज (त्वरित न्यायाधीश द्वितीय) अनिल कुमार पंचम की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए।
मंगलवार को सुनाए गए फैसले में चारों अभियुक्तों को धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद, धारा 201 (सुबूत मिटाने) में दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।