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साथी की हत्या कर शव केमिकल से जलाने के दोषी मजदूर को उम्रकैद, 25 हजार जुर्माना भी लगाया
Wed, 20 Nov 2019 01:53 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Nov 2019 01:53 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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चूल्हे पर खाना गिरने के विवाद के बाद साथी की हत्या कर शव केमिकल से जलाने के दोषी मजदूर को अपर जिला जज षष्टम ने उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के पिता को दी जाएगी।
गोंडा के रहने वाले सियाराम, रामू, संतराम और ओमप्रकाश बांसमंडी स्थित भल्ला टिंबर हाउस में मजदूरी करते थे। 19 मई 2010 की रात को रामू खाना बना रहा था। चूल्हे पर खाना गिरने पर सियाराम ने रामू की डंडे से पीटकर हत्या कर दी।
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गोंडा के रहने वाले सियाराम, रामू, संतराम और ओमप्रकाश बांसमंडी स्थित भल्ला टिंबर हाउस में मजदूरी करते थे। 19 मई 2010 की रात को रामू खाना बना रहा था। चूल्हे पर खाना गिरने पर सियाराम ने रामू की डंडे से पीटकर हत्या कर दी।
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शव को कानपुर के नौबस्ता में बंबा रोड पुलिया के पास फेंककर पहचान छिपाने के लिए केमिकल डालकर जला दिया। अगले दिन वहां से गुजर रहे उदयवीर सिंह ने शव देखकर नौबस्ता थाने में सूचना दी।
एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस ने शव की शिनाख्त के बाद सियाराम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। अभियोजन की ओर से संतराम और ओमप्रकाश समेत नौ गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज षष्टम डॉ. कपिला राघव ने सियाराम को सजा सुनाई।
एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस ने शव की शिनाख्त के बाद सियाराम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। अभियोजन की ओर से संतराम और ओमप्रकाश समेत नौ गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज षष्टम डॉ. कपिला राघव ने सियाराम को सजा सुनाई।