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अशोक का पेड़ कटवाने पर ईओ पर मुकदमा, मजदूरों को भी बनाया गया आरोपी
Sun, 19 May 2019 03:51 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 19 May 2019 03:51 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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यूपी के इटावा जिले में संरक्षित अशोक का पेड़ काटने पर लखना नगर पंचायत के ईओ और मजदूरों के खिलाफ वन विभाग अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है। शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान पेड़ कटवाए गए थे। शहर के लोगों के विरोध के बाद मामला तूल पकड़ गया और वन अधिकारियों ने जांच के बाद कार्रवाई की। विधायक सावित्री कठेरिया भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अशोक का पेड़ काटने पर कार्रवाई होनी चाहिए।
लखना नगर पंचायत ने शुक्रवार को सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटवाया था। इस दौरान सड़क के किनारे खड़े तीन हरे पेड़ भी कटवा दिए गए थे। इनमें एक पेड़ अशोक, एक बेंजामिन और एक चितवन का था। हरे भरे पेड़ काटे जाने पर व्यापारियों व समाजसेवियों ने नाराजगी जताई।
उन्होंने इसकी शिकायत वन विभाग से की। लोगों की नाराजगी पर ईओ देवेंद्र सिंह ने कहा था कि कस्बे में जाम लगने के कारण पेड़ों को वन विभाग की अनुमति लेकर कटवाया गया है। उन्होंने लखना क्षेत्र के वन रेंज अधिकारी विवेकानंद दुबे से अनुमति लेने का भी दावा किया था लेकिन व्यापारी व समाजसेवी कार्रवाई पर अड़ गए।
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इस पर वन रेंज अधिकारी ने वन दरोगा गिरजेश तिवारी, वन रक्षक चंद्रमोहन और रामसेवक ने जांच कराई। टीम ने शनिवार को जांच रिपोर्ट वन रेंज अधिकारी को सौंपी। इसके बाद वन रक्षक ने लखना वन रेंज कार्यालय में नगर पंचायत लखना ईओ देवेंद्र सिंह और पांच-छह अज्ञात मजदूरों के विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम की धारा 4/10 में मुकदमा दर्ज कराया। यह धारा संरक्षित श्रेणी के पेड़ों की कटान करने पर लगाई जाती है।
वन रेंज अधिकारी ने बताया कि पिछले साल नगर पंचायत लखना ने रास्ते के किनारे खड़े पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। जिन पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी, उनमें कोई संरक्षित प्रजाति का पेड़ शामिल नहीं था लेकिन शुक्रवार को अशोक का पेड़ भी कटवाया गया है। यह संरक्षित श्रेणी का है। इस कारण मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर पंचायत ईओ का कहना था कि संरक्षित प्रजाति के पेड़ को नहीं कटवाया है जो पेड़ कटवाए गए, उनकी अनुमति ली गई थी।
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लखना नगर पंचायत ने शुक्रवार को सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटवाया था। इस दौरान सड़क के किनारे खड़े तीन हरे पेड़ भी कटवा दिए गए थे। इनमें एक पेड़ अशोक, एक बेंजामिन और एक चितवन का था। हरे भरे पेड़ काटे जाने पर व्यापारियों व समाजसेवियों ने नाराजगी जताई।
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उन्होंने इसकी शिकायत वन विभाग से की। लोगों की नाराजगी पर ईओ देवेंद्र सिंह ने कहा था कि कस्बे में जाम लगने के कारण पेड़ों को वन विभाग की अनुमति लेकर कटवाया गया है। उन्होंने लखना क्षेत्र के वन रेंज अधिकारी विवेकानंद दुबे से अनुमति लेने का भी दावा किया था लेकिन व्यापारी व समाजसेवी कार्रवाई पर अड़ गए।
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इस पर वन रेंज अधिकारी ने वन दरोगा गिरजेश तिवारी, वन रक्षक चंद्रमोहन और रामसेवक ने जांच कराई। टीम ने शनिवार को जांच रिपोर्ट वन रेंज अधिकारी को सौंपी। इसके बाद वन रक्षक ने लखना वन रेंज कार्यालय में नगर पंचायत लखना ईओ देवेंद्र सिंह और पांच-छह अज्ञात मजदूरों के विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम की धारा 4/10 में मुकदमा दर्ज कराया। यह धारा संरक्षित श्रेणी के पेड़ों की कटान करने पर लगाई जाती है।
वन रेंज अधिकारी ने बताया कि पिछले साल नगर पंचायत लखना ने रास्ते के किनारे खड़े पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। जिन पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी, उनमें कोई संरक्षित प्रजाति का पेड़ शामिल नहीं था लेकिन शुक्रवार को अशोक का पेड़ भी कटवाया गया है। यह संरक्षित श्रेणी का है। इस कारण मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर पंचायत ईओ का कहना था कि संरक्षित प्रजाति के पेड़ को नहीं कटवाया है जो पेड़ कटवाए गए, उनकी अनुमति ली गई थी।