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लाल इमली मिल घोटाला: चार अफसरों को कारण बताओ नोटिस, अधिकारियों को तीन दिन में देना है जवाब, पढ़ें अपडेट

Wed, 19 Jun 2024 10:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 19 Jun 2024 10:30 AM IST
सार

Kanpur News: लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि मिल के चार अफसरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और रकम की वसूली कराई जाए। मिल के कर्मचारियों का 22 महीने का बकाया वेतन, लीव इन कैशमेंट, बोनस का जल्द भुगतान कराया जाए।

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Lal Imli Mill scam, Show cause notice issued to four officers, officers have to reply in three days
lal imli mill - फोटो : social media

विस्तार

कानपुर में लाल इमली मिल में हुए वेतन घोटाले में बीआईसी ने पहली कार्रवाई की है। मिल के चार अफसरों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस दिया है। तीन दिन में नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में उनके वेतन, ग्रेच्युटी से घोटाले की रकम वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, घोटाला की रकम और बढ़ने की संभावना है।

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जांच रिपोर्ट सुनियोजित तरीके से रकम हड़पने की ओर इशारा कर रही है। बंदी के मुहाने पर खड़ी लाल इमली मिल में 52 लाख रुपये का घोटाला सामने आ चुका है। मिल में जो कर्मचारी काम नहीं करते थे, उनके खातों में 23 लाख रुपये भेज दिए गए थे।  इसके अलावा डैमेज शुल्क में 29 लाख की गड़बड़ी मिली है।
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कर्मियों के भुगतान के आंतरिक मूल्यांकन में सीएमडी और उच्च अफसर ने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। पता चला कि दिनेश कुमार, रामआसरे और सुनैना देवी नाम के व्यक्तियों के खाते में अलग-अलग सात से साढ़े आठ लाख रुपये डाले गए थे। दिनेश कुमार और रामआसरे के खाते चंदौली वाराणसी के थे।

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अफसरों ने मिलीभगत करके तीन नए खाते खुलवाए
बताया गया कि ये सभी खाते मार्च 2023 में खोले गए थे, जबकि रुपये जुलाई 2023 में आने थे। मिल में किसी का नया खाता नहीं खुलता है। किसी कर्मचारी के निधन पर उनके वारिस का ही बैंक खाता जांच के बाद खोला जाता है। लेकिन यहां अफसरों ने मिलीभगत करके तीन नए खाते खुलवाए और बाद में रकम भी भेज दी गई।

अकाउंट विभाग के चार और हाजिरी सेक्शन के तीन लोग शक के घेरे में
बीआईसी के अधिकारी तीनों बैंक खातों और रकम कब-कब और कितनी-कितनी निकलवाई गई, इसकी भी जांच कर रहे हैं। मामले में अकाउंट विभाग के चार और हाजिरी सेक्शन से जुड़े तीन लोग शक के घेरे में हैं। अभी विभागाध्यक्ष वित्त राखी सेठी, लाल इमली मिल इंचार्ज बीके मौर्या, अकाउंट अफसर विनय मिश्रा, धनराशि स्वीकृत करने वाले अधिकारी मनोज शुक्ला पर कार्रवाई की गई है।

चार अफसरों को कारण बताओ नोटिस
लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि मिल के चार अफसरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और रकम की वसूली कराई जाए। मिल के कर्मचारियों का 22 महीने का बकाया वेतन, लीव इन कैशमेंट, बोनस का जल्द भुगतान कराया जाए।

 तीन अधिकारी कर रहे हैं जांच, बिंदुवार रिपोर्ट भेजने के निर्देश
गड़बड़ी मिलने के बाद अफसरों ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। इसमें दो सदस्य पंजाब स्थित धारीवाल मिल के और एक कानपुर स्थित मुख्यालय का अधिकारी है। टीम के सदस्यों ने प्रारंभिक जांच पड़ताल करके रिपोर्ट सीएमडी को भेज दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारी ने बिंदुवार और हर स्तर पर हुई गड़बड़ी की रिपोर्ट बनाकर देने को कहा है।

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