Lal Imli Mill: घोटाले की रकम के साथ बढ़ सकती आरोपियों की संख्या, दिल्ली पहुंची जांच रिपोर्ट…जल्द होगी कार्रवाई
Kanpur News: सूत्रों ने बताया कि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट दिल्ली में सीएमडी तक पहुंच गई है। अब यह जांच की जाएगा कि ये रकम और ज्यादा तो नहीं है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए जांच टीम में पंजाब स्थित धारीवाल मिल के दो अफसरों और कानपुर के एक अधिकारी को शामिल किया गया है।
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कानपुर में लाल इमली मिल में 52 लाख रुपये का घोटाला सामने आ चुका है। ये रकम और भी बढ़ सकती है। इसके अलावा सुनियोजित भ्रष्टाचार का अंजाम देने वाले आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है। वहीं जांच रिपोर्ट दिल्ली तक पहुंच गई है। उम्मीद है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। रकम आरोपियों से वसूली जाएगी। वहीं, कर्मचारियों ने कपड़ा मंत्री से मिलने का समय मांगा है।
बता दें कि मिल में जो कर्मचारी काम नहीं करते थे, उनके खातों में 23 लाख रुपये भेज दिए गए थे। इसके अलावा डैमेज शुल्क में 29 लाख की गड़बड़ी पाई गई है। सरकार की ओर से मिल कर्मियों के लिए भेजी गई धनराशि के आंतरिक मूल्यांकन में अफसरों ने यह हेरफेर पकड़ा था। जांच में पता चला था कि दिनेश कुमार, रामआसरे और सुनैना देवी नाम के व्यक्तियों के खाते में अलग-अलग सात से साढ़े आठ लाख रुपये डाले गए।
दिनेश कुमार और रामआसरे के खाते चंदौली वाराणसी के थे। इसके बाद मिल के उच्च अफसरों ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट दिल्ली में सीएमडी तक पहुंच गई है। अब यह जांच की जाएगा कि ये रकम और ज्यादा तो नहीं है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए जांच टीम में पंजाब स्थित धारीवाल मिल के दो अफसरों और कानपुर के एक अधिकारी को शामिल किया गया है।
देखा जा रहा…खाते में रकम कैसे चली गई
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बाहर के व्यक्तियों के खाते में रकम कैसे चली गई। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के पीए से फोन पर बात हुई है। कर्मचारियों के बकाया वेतन आदि के लिए उनसे समय मांगा गया है। मिल के कर्मचारियों का 22 महीने के बकाया वेतन, लीव इन कैशमेंट, बोनस का जल्द भुगतान कराया जाए।