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Kanpur News: अंत्येष्टि स्थल बनाने में लाखों फूंके, खुले में अंतिम संस्कार
Thu, 30 Jul 2026 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:25 AM IST
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राजपुर। कोरोना त्रासदी के दौरान शासन ने नदियों को सुरक्षित करने के लिए अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया था। अफसरों की अनदेखी से ग्रामीण इलाकों में लाखों की लागत से बनाए गए अंत्येष्टि स्थल अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। अभी भी गंगा किनारे ही अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं।
राजपुर ब्लाॅक के ग्राम अमराहट में लाखों रुपये खर्च कर बना अंत्येष्टि स्थल (श्मशान घाट) देखरेख एवं जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बेमतलब साबित हो रहा है। चार वर्ष पहले कैनाल पंप की छोटी नहर के पास अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में चयन किया गया। निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से 24.12 लाख की धनराशि सरकार ने अवमुक्त कर दी। वर्ष 2022 में अंत्येष्टि स्थल भवन में शव दाह गृह, शांति स्थल, स्वच्छ शौचालय, स्नान घर एवं लकड़ी घर का निर्माण करा दिया गया लेकिन संचालन नहीं होने से लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया अंत्येष्टि स्थल बेकार साबित हो रहा है।
लोग अंत्येष्टि स्थल से महज 500 मीटर दूर यमुना नदी पर शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। दुर्भाग्य की बात यह है की पैसा खर्च होने के बावजूद भी नदियों किनारे शवों का दाह संस्कार होने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। जहां एक ओर सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तमाम एनजीओ व सरकारी महकमा मुस्तैद कर रखा है। वहीं, नदियों के किनारे हो रहे दाह संस्कारों को रोकने के लिए कोई भी जहमत नहीं उठाता। ग्रामीण बलवीर सिंह, महेंद्र यादव, भरोसे लाल का कहना है कि बगैर उपयोग के ही अंत्येष्टि स्थल बदहाल स्थिति में है परिसर में उगी झाड़ियां और गंदगी फैली हैं हैंडपंप भी खराब पड़ा है। जागरूकता के अभाव में अब तक एक भी शव का अंतिम संस्कार अंत्येष्टि स्थल में नहीं हुआ है।
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बयान......
अंत्येष्टि स्थल में साफ-सफाई करवाकर पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। ग्राम समिति के जरिए लोगों को अंत्येष्टि स्थल में ही शव का अंतिम संस्कार करने को जागरूक किया जाएगा। - बरदान गुप्ता, बीडीओ राजपुर
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राजपुर ब्लाॅक के ग्राम अमराहट में लाखों रुपये खर्च कर बना अंत्येष्टि स्थल (श्मशान घाट) देखरेख एवं जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बेमतलब साबित हो रहा है। चार वर्ष पहले कैनाल पंप की छोटी नहर के पास अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में चयन किया गया। निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से 24.12 लाख की धनराशि सरकार ने अवमुक्त कर दी। वर्ष 2022 में अंत्येष्टि स्थल भवन में शव दाह गृह, शांति स्थल, स्वच्छ शौचालय, स्नान घर एवं लकड़ी घर का निर्माण करा दिया गया लेकिन संचालन नहीं होने से लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया अंत्येष्टि स्थल बेकार साबित हो रहा है।
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लोग अंत्येष्टि स्थल से महज 500 मीटर दूर यमुना नदी पर शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। दुर्भाग्य की बात यह है की पैसा खर्च होने के बावजूद भी नदियों किनारे शवों का दाह संस्कार होने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। जहां एक ओर सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तमाम एनजीओ व सरकारी महकमा मुस्तैद कर रखा है। वहीं, नदियों के किनारे हो रहे दाह संस्कारों को रोकने के लिए कोई भी जहमत नहीं उठाता। ग्रामीण बलवीर सिंह, महेंद्र यादव, भरोसे लाल का कहना है कि बगैर उपयोग के ही अंत्येष्टि स्थल बदहाल स्थिति में है परिसर में उगी झाड़ियां और गंदगी फैली हैं हैंडपंप भी खराब पड़ा है। जागरूकता के अभाव में अब तक एक भी शव का अंतिम संस्कार अंत्येष्टि स्थल में नहीं हुआ है।
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अंत्येष्टि स्थल में साफ-सफाई करवाकर पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। ग्राम समिति के जरिए लोगों को अंत्येष्टि स्थल में ही शव का अंतिम संस्कार करने को जागरूक किया जाएगा। - बरदान गुप्ता, बीडीओ राजपुर