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अपहरण: दुकानदार से उलझकर फंस गए अपहर्ता, छात्र भी सकुशल मिला, जानिए कैसे...

Sun, 24 Oct 2021 01:17 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 24 Oct 2021 01:17 AM IST
सार

बदमाशों से मामूली विवाद होने की वजह से दुकानदार ने उनकी स्कार्पियो कार का नंबर नोट कर लिया था। पनकी के कला का पुरवा निवासी दीपेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा वैभव उर्फ विभव सिंह 11वीं का छात्र है।

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Kidnapping: kidnappers got trapped by shopkeeper, student was also found safe, know how
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के पनकी से अगवा 11वीं के छात्र को पुलिस ने शुक्रवार रात चित्रकूट के जंगल से सकुशल ढूंढ निकाला। अपहरण करने वाले दो बदमाशों को भी मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि चार बदमाश फरार हैं। बदमाशों ने अपहरण फिरौती वसूलने के लिए किया था, लेकिन एक दुकानदार की सजगता से पुलिस ने 30 घंटे के अंदर बदमाशों को पकड़ लिया।
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दरअसल, बदमाशों से मामूली विवाद होने की वजह से दुकानदार ने उनकी स्कार्पियो कार का नंबर नोट कर लिया था। पनकी के कला का पुरवा निवासी दीपेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा वैभव उर्फ विभव सिंह 11वीं का छात्र है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार शाम वह गंगापुरवा में ट्यूशन पढ़ने गया था लेकिन लौटा नहीं था।
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परिजनों ने शुक्रवार को गुमशुदगी दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि सर्विलांस की मदद से बदमाशों की लोकेशन चित्रकूट के बीहड़ में ट्रेस की गई। शुक्रवार रात करीब 10 बजे दबिश देकर बांदा कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी राजबहादुर सिंह चंदेल और उदयभान सिंह को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि वारदात में चार अन्य साथी भी शामिल हैं।
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परिजनों ने खुद तलाशा सुराग, तब हुआ पर्दाफाश 
वैभव के लापता होने की सूचना पुलिस को देने के बाद परिजन खुद तलाश में जुट गए। कोचिंग से लेकर उसके घर तक जाने वाले मार्ग पर खोजबीन शुरू की। तभी पनकी में ही एक गुमटी के बाहर वैभव की साइकिल खड़ी मिली। गुमटी वाले ने बताया कि एक लड़का आया था। उसने कहा था कि आधा घंटे में आकर साइकिल ले जाऊंगा लेकिन वह आया नहीं।
 

परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमटी के पास स्थित बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान मालिक से पूछा तो उसने बताया कि स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग गुरुवार शाम को दुकान के पास शराब पी रहे थे। विरोध पर गालीगलौज की थी। इसलिए उन्होंने उसका नंबर (यूपी 90 एल 9721) नोट कर लिया था। पुलिस ने गाड़ी की डिटेल निकाली। गाड़ी उदयभान के नाम पर थी। मोबाइल नंबर से ट्रेस करना शुरू किया और पुलिस मौके तक पहुंच गई। 

पहले 50 लाख फिरौती मांगने की थी साजिश
बदमाशों को पता था कि छात्र के पिता दीपेंद्र ने कुछ महीने पहले करीब दो करोड़ रुपये की जमीन बेची थी। पुलिस के मुताबिक पहली बार में कॉल कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश थी। जैसे-जैसे देर होती फिरौती की रकम बढ़ाते जाते। हालांकि फरौती का फोन करने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।

चार फरार आरोपियों में बांदा निवासी विकास सिंह, आकाश सिंह, जसपुरवा का आर्यन, कला का पुरवा निवासी 16 वर्षीय किशोर है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी किशोर ने गुमटी पर छात्र की साइकिल खड़ी की थी।
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