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काशी एक्सप्रेस के महिला कोच में मारपीट, सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में आधे घंटे खड़ी रही ट्रेन

Tue, 25 Jun 2019 09:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 25 Jun 2019 09:54 PM IST
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kashi express stop 30 minutes in chitrakoot
ट्रेन
चित्रकूट में दादर से गोरखपुर जाने वाली काशी एक्सप्रेस के महिला कोच में सीट को लेकर यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान यात्रियों ने हंगामा किया। इसके चलते आधे घंटे तक ट्रेन मानिकपुर जंक्शन पर खड़ी रही। जीआरपी टीम ने आठ महिला, पुरुष व बच्चों के खिलाफ  केस दर्ज किया है।
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तीन घंटे बाद पुलिस ने सभी को मुचलके पर छोड़ दिया। मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दादर से गोरखपुर काशी एक्सप्रेस के महिला कोच में सीट पर बैठने को लेकर यात्रियों में विवाद हो गया। इसकी सूचना यात्रियों ने जीआरपी को दी।
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मानिकपुर रेलवे जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचने पर जीआरपी ने सतना निवासी संतोष तिवारी व पुष्पेंद्र कुमार, छिंदवाड़ा के दमुआ निवासी शमीम राइस, साजिया बानो, हिना बानो, सरवरी, खुशबू व अरशद को नीचे उतारकर थाने ले गए। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी रही।

इससे अन्य ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो गया। विलंब होने के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, जीआरपी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि सभी यात्रियों को जमानत पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व इसी बोगी पर इन्हीं यात्रियों के बीच मझगवंा स्टेशन पर भी विवाद हुआ था। इसमें एक दूसरे पर स्टेशन पर उतरकर पत्थर मारने के भी आरोप हैं।

 

ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए अलग बोगी आरक्षित होने के बाद भी अक्सर इस तरह की घटनाएं होती हैं। दादर से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस के महिला बोगी में आखिर पुरुष कैसे बैठे थे। दो पक्षों के बीच मारपीट में पुरुष वर्ग ही आगे थे। इस मामले में जीआरपी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि अक्सर महिला बोगी में पुरुष वर्ग जबरन बैठ जाते हैं।

इन्हें हटाने पर उनके साथ मौजूद महिलाएं ही विरोध करतीं हैं। थाने में महिला सिपाही न होने से बड़ी परेशानी होती है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से कई बार कहा गया है। इस मामले में भी यही हुआ। महिलाओं के विवाद में बाद में सिविल थाने से महिला सिपाही बुलाकर कार्रवाई करानी पड़ी। 
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