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करवा चौथ: शुक्र के बालत्वकाल में नवविवाहिताएं रख सकतीं चतुर्थी व्रत, मन में है कोई शंका तो ये आपके काम की खबर
Tue, 27 Oct 2026 11:14 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:14 PM IST
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करवा चौथ
- फोटो : AI
शुक्र के बालत्वकाल में नवाविवाहिताएं चतुर्थी व्रत, करवा चौथ, बरगदाही का व्रत रख सकती हैं। यह निर्णय श्री ब्रह्मावर्त विद्वतपरिषद ने सर्वसम्मत और शास्त्रीय व्यवस्थाओं के आधार पर लिया है। यह कहा जा रहा था कि इस बार करवा चौथ आदि व्रतों के दौरान शुक्र का बालत्वकाल रहेगा जिससे नवंबर वर्ष 2025 और जुलाई वर्ष 2026 के बीच की अवधि की ब्याहता महिलाएं व्रत न रखें।
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परिषद के महामंत्री आचार्य चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शुक्र बालत्वकाल में व्रत न रखने की बात सही नहीं है। शास्त्रों में इस मसले की व्यवस्था देखी गई है। व्रत रखने में कोई दोष नहीं है। करवा चौथ, बरगदाही जैसे व्रत नियत समय में होते हैं। उन्हें आगे-पीछे नहीं किया जाता। ये स्त्री के अधिकार के तहत आते हैं। गुरु, शुक्र का अस्त होने पर व्रत रखने में कोई दोष नहीं है।
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शुक्र एवं बृहस्पति के उदय होने पर बालत्वकाल को शुभ माना है। यह बात निर्णय सिंधु की संहिता प्रदीप में है कि बृहस्पति एवं शुक्र के उदित होने पर उनका बालत्वकाल शुभ माना गया है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित पीएन द्विवेदी का कहना है कि शुक्र का 28 को उदय हो जाएगा। बालत्व तीन दिन तक रहता है। इस दौरान नवविवाहिता के व्रत रखने की मनाही है।
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