Kanpur: जयपुरिया पुल के रैंप निर्माण में पेड़ बने बाधा, तीन बार बढ़ाया समय…फिर भी निर्माण अधूरा, मैनेजर बोले ये
Kanpur News: जयपुरिया स्कूल की तरफ रिटेनिंग वॉल बनाकर रैंप में मिट्टी भरने के बाद गिट्टी बिछाकर रोलर चलाया जा रहा है, जबकि पनचक्की चौराहे की तरफ रैंप बनना तो दूर रिटेनिंग वॉल भी नहीं बन पाई है।
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कानपुर में जयपुरिया पुल के निर्माण का समय तीन बार बढ़ाया गया, इसके बावजूद अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पेड़ न कटने से जयपुरिया स्कूल की तरफ का रैंप नहीं बन पा रहा है। कानपुर-लखनऊ रेलवे रूट की जयपुरिया रेलवे क्रॉसिंग से रोज 100 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। इनकी वजह से यह क्रॉसिंग रुक- रुक कर लगभग साढ़े तीन घंटे बंद रहती है। इससे स्कूली बच्चों से लेकर अन्य लोगों को दिक्कतें होती हैं।
इस समस्या को समाप्त करने के लिए सेतु निगम ने जनवरी 2022 में इस क्रॉसिंग पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कराया। 922 मीटर लंबे और साढ़े सात मीटर चौड़े इस पुल की निर्माण लागत 59.95 करोड़ रुपये है। निर्माण अवधि ढाई साल निर्धारित की गई थी, पर शुरूआत में ही रेलवे क्रॉसिंग से पनचक्की चौराहे की तरफ केस्को ने पोल और भूमिगत केबल हटाने में आठ महीने लगा दिए। इस वजह से जून 2024 में निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
तीसरी बार जारी किए हैं टेंडर
इसके बाद डेडलाइन बढ़ाकर जनवरी और बाद में जून 2025 की गई। इसके बावजूद कार्य अधूरा है। हालत यह है कि पुल के सभी पिलर, स्लैब बन गए हैं। जयपुरिया स्कूल की तरफ रिटेनिंग वॉल बनाकर रैंप में मिट्टी भरने के बाद गिट्टी बिछाकर रोलर चलाया जा रहा है, जबकि पनचक्की चौराहे की तरफ रैंप बनना तो दूर रिटेनिंग वॉल भी नहीं बन पाई है। उधर, छावनी परिषद का कहना है कि पुल की परिधि में आ रहे पेड़ काटने के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किए हैं। ठेकेदार तय होते ही पेड़ कटवाए जाएंगे।
जयपुरिया क्रॉसिंग पुल के सभी पिलर, स्लैब बन गए हैं। एक तरफ का रैंप भी बन गया है, जबकि दूसरी तरफ के रैंप निर्माण में पेड़ आड़े आ रहे हैं। इन पेड़ों को कटाने के लिए छावनी परिषद से कई बार आग्रह किया जा चुका है, पर पेड़ नहीं कटे। पेड़ कटते ही पुल का निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। -विजय कुमार सेन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम