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कानपुर: किशोरी का अपहरण करने वाला गया जेल, अन्य किसी आरोपी की नहीं मिली भूमिका, एफआईआर से हटेंगे नाम
Fri, 05 Feb 2021 01:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Feb 2021 01:06 PM IST
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किशोरी के लापता होने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चकेरी में किशोरी के अपहरण के मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी रिश्तेदार ठाकुर को जेल भेज दिया है। उस पर लगी साजिश रचने की धारा को हटाया गया और अमानत में खयानत की धारा बढ़ाई गई है। किशोरी फिलहाल पुलिस की देखरेख में है।
शुक्रवार को मजिस्ट्रेटी बयान होने के बाद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। अगर वो मां के पास नहीं जाना चाहेगी तो नारी निकेतन भेजा जाएगा। चकेरी इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी ने बताया कि ठाकुर के अलावा अन्य किसी आरोपी की मामले में भूमिका नहीं मिली है।
जांच में पता चला है कि आरोपी ने किशोरी को बहला फुसलाकर कुछ जेवरात व पैसे भी मंगवाए थे। इसलिए अमानत में खयानत (406) की धारा बढ़ा दी गई है। प्रकरण में अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं, लिहाजा साजिश रचने की धारा (120बी) हटा दी गई है।
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टीम को इनाम की घोषणा
एक महीने से दिव्यांग मां पुलिसकर्मियों के सामने बेटी की तलाश करने के लिए गुहार लगा रही थी। पुलिस वालों ने दिव्यांग मां तक से 12 हजार रुपये की वसूली कर ली। जब डीआईजी तक मामला पहुंचा तो दो दरोगा सस्पेंड किए गए और किशोरी की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गईं। इसमें सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया। इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी टीमों को लीड कर रहे थे। इसलिए डीआईजी ने टीम को इनाम देने के साथ प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
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शुक्रवार को मजिस्ट्रेटी बयान होने के बाद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। अगर वो मां के पास नहीं जाना चाहेगी तो नारी निकेतन भेजा जाएगा। चकेरी इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी ने बताया कि ठाकुर के अलावा अन्य किसी आरोपी की मामले में भूमिका नहीं मिली है।
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जांच में पता चला है कि आरोपी ने किशोरी को बहला फुसलाकर कुछ जेवरात व पैसे भी मंगवाए थे। इसलिए अमानत में खयानत (406) की धारा बढ़ा दी गई है। प्रकरण में अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं, लिहाजा साजिश रचने की धारा (120बी) हटा दी गई है।
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टीम को इनाम की घोषणा
एक महीने से दिव्यांग मां पुलिसकर्मियों के सामने बेटी की तलाश करने के लिए गुहार लगा रही थी। पुलिस वालों ने दिव्यांग मां तक से 12 हजार रुपये की वसूली कर ली। जब डीआईजी तक मामला पहुंचा तो दो दरोगा सस्पेंड किए गए और किशोरी की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गईं। इसमें सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया। इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी टीमों को लीड कर रहे थे। इसलिए डीआईजी ने टीम को इनाम देने के साथ प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।