Kanpur: टैक्स देनदारी नहीं हो पाएगी संशोधित, तीन साल बाद नहीं भर सकेंगे पुराने रिटर्न, जुलाई से होंगे ये बदलाव
Kanpur News: जुलाई से जीएसटीआर-3बी में जो टैक्स देनदारी ऑटो-पॉपुलेट होगी, वह पूरी तरह से लॉक रहेगी। यानी करदाता उसमें कोई बदलाव (संशोधन) नहीं कर पाएंगे।
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जीएसटी में जुलाई 2025 से अहम बदलाव होने जा रहे हैं। अब जीएसटीआर 3बी में टैक्स देनदारी को संशोधित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा कारोबारी और व्यापारी तीन साल बाद साल पुराने रिटर्न नहीं भर पाएंगे। इस संबंध में जीएसटीएन ने शनिवार को अधिसूचना जारी की है। जानकारों का कहना है कि नई व्यवस्था से करदाताओं की रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी।
केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल के उप संयोजक सीए नितिन सिंह ने बताया कि जब कोई करदाता जीएसटीआर 1 या आईएफएफ (इनवाइस फर्निशिंग फैसिलिटी) में अपनी बिक्री की जानकारी भरता था तो उस आधार पर जीएसटी 3बी में टैक्स देनदारी ऑटो-पॉपुलेट हो जाती थी। हालांकि करदाता जीएसटीआर-3 बी में जाकर इस देनदारी में बदलाव कर सकते थे।
जीएसटीआर 1 ए फॉर्म शुरू किया
अब जुलाई से जीएसटीआर-3बी में जो टैक्स देनदारी ऑटो-पॉपुलेट होगी, वह पूरी तरह से लॉक रहेगी।
यानी करदाता उसमें कोई बदलाव (संशोधन) नहीं कर पाएंगे। अगर गलती हो जाए, तो जीएसटीएन ने इसके समाधान के रूप में जीएसटीआर 1 ए फॉर्म शुरू किया है। इससे करदाता बिक्री की जानकारी सुधार सकते हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटीआर 1, जीएसटीआर-3 बी, जीएसटीआर 4, जीएसटीआर 5, जीएसटीआर 6, जीएसटीआर 7, जीएसटीआर 8 और जीएसटीआर 9 तीन साल की समय सीमा समाप्त होने के बाद दाखिल नहीं किए जा सकेंगे।
नहीं तो पेनाल्टी लग सकेगी और नोटिस भी आएगा
उन्होंने बताया कि इस नियम से उन करदाताओं को बड़ा झटका हो सकता है, जिन्होंने पुरानी अवधि के रिटर्न अब तक दाखिल नहीं किए हैं। यदि करदाता पिछले वर्षों का कोई भी जीएसटी रिटर्न नहीं भरा है, तो उसे जुलाई 2025 से पहले जरूर दाखिल करना पड़ेगा। नहीं तो पेनाल्टी लग सकेगी और नोटिस भी आएगा।