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Kanpur: संगठित गिरोह द्वारा दर्ज कराए जा रहे फर्जी मुकदमों की समीक्षा करेगी एसआईटी

Tue, 04 Mar 2025 08:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 04 Mar 2025 08:07 PM IST
सार

Kanpur News: सांसद की शिकायत पर कमिश्नरी पुलिस एक्शन में है। सांसद ने पुलिस कमिश्नर को पत्र और फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराई थी।

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Kanpur: SIT will review the fake cases being filed by organized gangs
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कमिश्नरी में अपने स्वार्थ के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज कराने वालों की अब खैर नहीं। पुलिस कमिश्नर ने पिछले आठ सालों में कोर्ट के आदेश पर दर्ज पेशबंदी, दुष्कर्म, पॉक्सो, रंगदारी समेत अन्य गंभीर मामलों में दर्ज मुकदमों की समीक्षा करने के बाद कार्रवाई करेगी। इसके लिए एसआईटी भी गठित कर दी है।

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पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि सांसद अशोक कुमार रावत ने हाल ही में पत्र के जरिए एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि कुछ संगठित गिरोह और इनके संरक्षणदाता सफेदपोश माफिया अपने विरोधियों के खिलाफ फर्जी मुकदमें दर्ज कराने का धंधा कर रहे हैं। शहर में सक्रिय माफिया गिराेह जमीनों पर अवैध कब्जा करने और अपनी आपराधिक गतिविधियों के विरोध में खड़े होने वाले लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में झूठे एफआईआर दर्ज कराकर निर्दोश लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इसके चलते पीड़ितों को या तो अपराधी घोषित कर दिया जाता है या फिर मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर वसूली की जाती है।
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ऐसे में इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए एक एसआईटी गठित की जाए। जो पिछले सात आठ सालों में दर्ज हुए ऐसे मुकदमों की विस्तृत जांच कर कार्रवाई करे। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम के अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित कर दी है। साथ ही, फर्जी मुकदमे दर्ज कराने वाले पेशेवर वादियों और उनके पीछे सक्रिय माफियाओं को बेनकाब कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगी। ये टीम इन आरोपों की गहनता से जांच करेगी एवं नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
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गैंग में महिलाएं भी शामिलपुलिस सूत्रों के अनुसार संगठित गिरोह में कई महिलाएं भी शामिल हैं। जो शहर के अलग-अलग इलाकों में रहती हैं। जो चंद रुपये के लिए गैंग लीडर के इशारे पर दुष्कर्म, पॉक्सो समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराती हैं। इसके बाद गिरोह का मुखिया निर्दोष व्यक्तियों को ब्लैकमेल करता हैं।

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