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Kanpur: सिपाही और एटीएम हैकर की रिकॉर्डिंग वायरल, लेनदेन पर कर रहे बात, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
Sat, 05 Nov 2022 07:29 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 05 Nov 2022 07:29 PM IST
सार
एटीएम हैकर और एक सिपाही की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई है। इसमें दोनों के बीच लेनदेन की बात हो रही है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में एक बार फिर पुलिस और अपराधी का गठजोड़ सामने आया है। एटीएम हैकर और अनवरगंज थाने में तैनात सिपाही प्रबल प्रताप सिंह की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई है। इसमें दोनों के बीच लेनदेन की बात हो रही है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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चकेरी निवासी कमलकांत पर अवैध शराब के कारोबार संबंधी केस दर्ज हैं। एटीएम हैकिंग में भी शामिल रहा है। इन्हीं दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रबल ने एकमुश्त रकम कमलकांत को दे रखी है। इसे कमल व उसके परिचित एटीएम हैकिंग में इस्तेमाल करते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक प्रबल हिस्से के साथ ही दी हुई रकम के बदले ब्याज भी लेता है। साथ ही शातिरों को शह देता है। प्रबल पैसों के लिए ही कमलकांत को धमकाता सुनाई दे रहा है। हालांकि इस वायरल रिकॉर्डिंग की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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हैकरों से पुराना है गठजोड़, दबा दी गई थी जांच
दस महीने पहले एटीएम हैकर अमित चौहान पकड़ा गया था। इसमें क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही राजीव यादव व प्रबल प्रताप का नाम सामने आया था। दोनों के खिलाफ जांच एडीसीपी क्राइम को सौंपी गई थी। इस बीच राजीव यादव का श्रावस्ती तबादला हो गया था। विवाद के एक महीने पहले प्रबल को भी क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ चल रही जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई।
पश्चिम जोन में चल रहा बड़ा खेल
पांच महीने में करीब 30 पुलिसकर्मियों को क्राइम ब्रांच से हटाया गया। अलग-अलग जोन में तैनाती दी गई। पश्चिम जोन में जो पुलिसकर्मी भेजे गए, उनको थानों में तैनाती नहीं दी गई। वे खुद को क्राइम ब्रांच या प्राइवेट टीम में बताकर दबिश दे रहे हैं।
दस महीने पहले एटीएम हैकर अमित चौहान पकड़ा गया था। इसमें क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही राजीव यादव व प्रबल प्रताप का नाम सामने आया था। दोनों के खिलाफ जांच एडीसीपी क्राइम को सौंपी गई थी। इस बीच राजीव यादव का श्रावस्ती तबादला हो गया था। विवाद के एक महीने पहले प्रबल को भी क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ चल रही जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई।
पश्चिम जोन में चल रहा बड़ा खेल
पांच महीने में करीब 30 पुलिसकर्मियों को क्राइम ब्रांच से हटाया गया। अलग-अलग जोन में तैनाती दी गई। पश्चिम जोन में जो पुलिसकर्मी भेजे गए, उनको थानों में तैनाती नहीं दी गई। वे खुद को क्राइम ब्रांच या प्राइवेट टीम में बताकर दबिश दे रहे हैं।
मामला बेहद गंभीर है। जांच कराई जा रही है। जिन-जिन के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। बिना तैनाती अगर कोई पुलिसकर्मी क्राइम ब्रांच या प्राइवेट टीम में खुद को बताकर दबिश देता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। - बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर