यूपी: कभी कहा- मैंने मां को मारा, कभी पलटा बयान, दृश्यम स्टाइल में उलझी मर्डर मिस्ट्री, टि्वंकल नाम का नया राज
Kanpur News: रावतपुर क्षेत्र में 58 वर्षीय महिला उमा की हत्या और लूट के मामले में गुत्थी 'दृश्यम' फिल्म की तरह और उलझ गई है। इस बीच जांच में 'टि्वंकल' नाम की एक महिला रिश्तेदार का नया एंगल सामने आया है, जिसके बाद पुलिस अब नए सिरे से मामले की तहकीकात कर रही है।
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हां मैंने मां को मारा...नहीं मैं तो मां को मार ही नहीं सकता। गहने पलंग के दीवान में छिपाए हैं..., अरे मैंने तो कहा ही नहीं कि गहने मैंने लूटे हैं... तीन दिन तक पुलिस के सवालों के कुछ इस तरह के जवाब देने वाले अमरीश के सामने थाना पुलिस ही नहीं बल्कि दो-दो आईपीएस अधिकारी भी सरेंडर हो गए।
दृश्यम फिल्म सी उलझी इस मर्डर मिस्ट्री में अमरीश के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर शनिवार सुबह उसे थाने से छोड़ना पुलिस की मजबूरी बन गया। बात हो रही है मंगलवार रात रावतपुर के केशवपुरम में 58 वर्षीय महिला उमा की हत्या और लूट की। पुलिस के लिए मामले में शुरू से ही संदिग्ध रहे उमा के बेटे अमरीश से इन तीन दिनों में कई सवाल पूछे गए, नतीजा सिफर रहा।
अमरीश की एक करीबी रिश्तेदार है टि्वंकल
हालांकि, इस पूछताछ में एक नया नाम टि्वंकल जरूर सामने आया है। यह टि्वंकल कोई और नहीं बल्कि अमरीश की एक करीबी रिश्तेदार है, जिसका मोबाइल नंबर उसने इसी नाम से सेव कर रखा है। वारदात का पता शाम सात बजे चलने के बाद भी रात 10 बजे उमा के पति शिवमंगल और बेटे अमरीश ने पुलिस को घर में हत्या और लूट की सूचना दी थी।
हत्या और 25 लाख के गहनों की लूट बन गई
शक के आधार पर जब पुलिस अमरीश को थाने ले आई तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। कभी कहता वह एक बार घर आया था, तो कभी कहता तीन बार। इसी तरह उसने पत्नी नेहा और पास-पड़ोस के लोगों को भी पहले हार्ट अटैक से मौत की बात बताई थी। बाद में वह हत्या और 25 लाख के गहनों की लूट बन गई।
80 घंटे अमरीश को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने करीब 80 घंटे अमरीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन पुलिस उसके खिलाफ एक भी ऐसा साक्ष्य नहीं जुटा सकी, जिसके आधार पर वह उसे जेल भेज सके। कहानी में टि्वंकल नाम का एक नया मोड़ जरूर आया। अमरीश में सेव इस नाम की पड़ताल की गई, तो वह उसकी करीबी रिश्तेदार निकली, जिनका असली नाम कुछ और है।
नए सिरे से जांच कर रही है पुलिस
इसी नंबर पर अमरीश ने वारदात से पहले और बाद में कई बार बात भी की थी। बताया जाता है कि उमा देवी इस महिला रिश्तेदार से उसके बात करने का विरोध करती थीं। फिलहाल, पुलिस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। वहीं, पुलिस और अमरीश के बीच सवाल-जवाब कुछ ऐसे रहे।
- पुलिस: तुम तो कह रह रहे थे कि सिर्फ एक बार घर आए थे, जबकि तीन बार गए थे।
- अमरीश : मां के साथ हुई घटना से डर गया था इसलिए घबराकर एक बार कहा था।
- पुलिस: मां के शव के पास तुम्हारी कलाई पर बंधी राखी कैसे मिली?
- अमरीश: मां का शव कुर्सी से उठाकर बेड तक ले जाने में गिरी होगी।
- पुलिस: पत्नी नेहा को पहली बार में लूट और हत्या की बात क्यों नहीं बताई?
- अमरीश : हड़बड़ाहट में याद नहीं रहा होगा।
- पुलिस: महिला रिश्तेदार से क्या मां की तीन-चार दिन पहले लड़ाई हुई थी?
- अमरीश: नहीं बता सकता, मेरे सामने कुछ नहीं हुआ।
- पुलिस: अभी तो तुम कह रहे थे कि मां को तुमने ही मारा है?
- अमरीश : हो सकता है, कहा हो लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
- पुलिस: सही बता दो गहने कहां रखे हैं?
- अमरीश: जब घटना हुई तब मैं घर पर था ही नहीं तो कैसे बता दूं।
अमरीश अभी भी पुलिस के शक के घेरे में है। उसके खिलाफ परिस्थितिजन्य तमाम साक्ष्य हैं। रही बात गहनों की तो उसे भी तलाश लिया जाएगा। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर