{"_id":"607006855d68ab3e07037eb5","slug":"kanpur-pro-vinay-pathak-became-vice-chancellor-of-csjmu-studied-in-hbtu-and-iit-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: प्रो. विनय पाठक बने सीएसजेएमयू के कुलपति, एचबीटीयू और आईआईटी कानपुर से की है पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: प्रो. विनय पाठक बने सीएसजेएमयू के कुलपति, एचबीटीयू और आईआईटी कानपुर से की है पढ़ाई
Fri, 09 Apr 2021 01:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 09 Apr 2021 01:17 PM IST
विज्ञापन
कुलपति प्रो. विनय पाठक
- फोटो : amar ujala
एकेटीयू (डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. विनय पाठक को छत्रपति शाहू जी महाराज विवि का कुलपति बनाया गया है। गुरुवार को कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आदेश जारी कर दिया।
कानपुर के ही लाल बंगला निवासी प्रो. विनय का कुलपति के रूप में यह सातवां विश्वविद्यालय है। सीएसजेएमयू के कुलपति बनने के साथ उनके पास एकेटीयू का भी अतिरिक्त प्रभार रहेगा। केंद्रीय विद्यालय चकेरी से 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद एचबीटीयू (उस समय एचबीटीआई) से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
इसके बाद आईआईटी खड़गपुर से एमटेक कर आईआईटी कानपुर से पीएचडी की है। एकेटीयू ने उनके नेतृत्व में कोविड-19 स्क्रीनिंग टूल और तकनीक विकसित की है। वह एचबीटीयू में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन
26 साल के अनुभव के साथ विवि आ रहे प्रो. विनय ने अमर उजाला को बताया कि पहली प्राथमिकता तकनीक के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। इसके साथ ही छात्रों से जुड़ी हर सुविधा का ध्यान रखा जाएगा।
वहीं, इससे पहले उत्तराखंड मुक्त विवि हल्द्वानी, वर्धमान महावीर मुक्त विवि कोटा राजस्थान, तकनीकी विवि कोटा (अतिरिक्त प्रभार), एचबीटीयू कानपुर (अतिरिक्त प्रभार), ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार) और एकेटीयू लखनऊ के कुलपति रहे हैं। प्रो. विनय सोमवार को विवि का कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।
विज्ञापन
कानपुर के ही लाल बंगला निवासी प्रो. विनय का कुलपति के रूप में यह सातवां विश्वविद्यालय है। सीएसजेएमयू के कुलपति बनने के साथ उनके पास एकेटीयू का भी अतिरिक्त प्रभार रहेगा। केंद्रीय विद्यालय चकेरी से 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद एचबीटीयू (उस समय एचबीटीआई) से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
विज्ञापन
इसके बाद आईआईटी खड़गपुर से एमटेक कर आईआईटी कानपुर से पीएचडी की है। एकेटीयू ने उनके नेतृत्व में कोविड-19 स्क्रीनिंग टूल और तकनीक विकसित की है। वह एचबीटीयू में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन
26 साल के अनुभव के साथ विवि आ रहे प्रो. विनय ने अमर उजाला को बताया कि पहली प्राथमिकता तकनीक के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। इसके साथ ही छात्रों से जुड़ी हर सुविधा का ध्यान रखा जाएगा।
वहीं, इससे पहले उत्तराखंड मुक्त विवि हल्द्वानी, वर्धमान महावीर मुक्त विवि कोटा राजस्थान, तकनीकी विवि कोटा (अतिरिक्त प्रभार), एचबीटीयू कानपुर (अतिरिक्त प्रभार), ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार) और एकेटीयू लखनऊ के कुलपति रहे हैं। प्रो. विनय सोमवार को विवि का कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।