फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: price of 8000 bighas of land decreased due to the declaration of green belt

Kanpur: ग्रीन बेल्ट घोषित होने से घट गई 8000 बीघा जमीनों की कीमत, पक्के निर्माण पर रोक से खरीददार ठिठके

Sun, 16 Apr 2023 03:32 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 16 Apr 2023 03:32 PM IST
विज्ञापन
Kanpur: price of 8000 bighas of land decreased due to the declaration of green belt
केडीए - फोटो : अमर उाजला

महायोजना 2031 के तहत केडीए की ओर से विकास का जो खाका खींचा गया है उसके अनुसार शहर के बाहरी क्षेत्रों की करीब 8000 बीघा जमीन की कीमत घट गई है। गंगा किनारे के आसपास व ग्रामीण क्षेत्रों के करीब स्थित इन जमीनों को ग्रीन बेल्ट क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। महायोजना में इस मामले को लेकर केडीए के पास सबसे ज्यादा आपत्तियां आई थी, जिन्हें एनजीटी और पर्यावरण का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। इस क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा मंधना से बिठूर के बीच स्थित है।

विज्ञापन


गंगा बैराज से लेकर बिठूर के बीच का हिस्सा, सरसैया घाट व परमट घाट के गंगा उस पार की जमीनों का हिस्सा इसमें शामिल है। इसके अलावा मेहरबान सिंह का पुरवा के तराई वाले क्षेत्रों में भी जमीनों का यही हाल है। वहां भी ग्रीनबेल्ट का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। इसे लेकर रीयल स्टेट का काम करने वालों में खलबली है। हालाॅंकि वे खुलकर इस मामले में सामने नहीं आ रही हैं। जमीनों के दाम की वजह यह बताई जा रही है कि ग्रीन बेल्ट होने से वहां पर पक्का निर्माण पूरी तरह से मना हो गया है। कहा गया है कि इन जमीनों पर पर्यटन को ब़ढ़ावा देने के लिए बिना पक्का निर्माण किए फार्म हाउस जैसा बनाया जा सकता है। जिससे ग्रीन बेल्ट भी बरकरार रहे और लोग अपना कारोबार भी कर सकते हैं। महायोजना का खाका खींचे जाने से पहले तक यहां पर कई हाउसिंग स्कीम शुरू किए जाने की योजना बनी थी। अब यहां पर लोगों ने सिर्फ प्लाटों को घेरकर छोड़ दिया है।

विज्ञापन

इन्वेस्टर्स सम्मिट में उठी थी बात
मंधना से लेकर बिठूर क्षेत्र के बीच गंगा के डूब क्षेत्र के अधिकांश हिस्से को महायोजना 2031 की महायोजना में ग्रीन बेल्ट घोषित किए जाने के बात बिल्डर्स ने महानगर में हुई इन्वेस्टर्स सम्मिट भी उठाई गई थी। मांग की गई थी कि इस क्षेत्र के कम हिस्से को ग्रीन बेल्ट घोषित किया जाए, लेकिन इस पर बात आगे नहीं बढ़ पाई।


महायोजना के तहत भी कार्ययोजना तैयार की गई है वह एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत बनाए गए मानकों के तहत ही किया गया है।- एके सिंह नगर नियोजक केडीए

विज्ञापन

1962 से शुरू हुई महायोजना बनाने की प्रक्रिया
फरवरी 1962 में पहली बार महानगर की महायोजना बनाई गई थी। तब कानपुर महानगर की महायोजना बनाने का काम प्रदेश सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को दिया गया था। इसी तरह शहर में नियोजित विकास करने की प्रक्रिया वर्ष 1943 में शुरू हुई थी। उसी समय कानपुर विकास बोर्ड ने पहली विकास योजना तैयार की थी। उसके बाद से लगातार इसमें संशोधन होते रहे।
विज्ञापन

महानगर समय समय पर बनाई गई योजनाएं
- जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत विकास योजना
- मलिन बस्ती मुक्त शहर योजना
- नगर स्वच्छता योजना 2010
- जल आपूर्ति व सीवरेज को लेकर अमृत परियोजना
- कानपुर स्मार्ट सिटी परियोजना

विभिन्न महायोजनाओं में शहरी जनसंख्या
वर्ष -2011 में - 34, 86852
वर्ष-2021 में- 4227157
वर्ष-2031 में- 51,65,000 संभावित
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed