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कानपुर डाक विभाग ने माफिया छोटा राजन व मुन्ना बजरंगी के नाम पर जारी किए डाक टिकट, डाक सहायक निलंबित

Mon, 28 Dec 2020 04:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 28 Dec 2020 04:44 PM IST
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Kanpur postal department has issued postage stamp in the name of Mafia Chhota Rajan-Munna Bajrangi, you can also get it made
छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के नाम की डाक टिकट - फोटो : गूगल

उत्तर प्रदेश के कानपुर में डाक विभाग की एक योजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारतीय डाक विभाग की 'माई स्टांप' योजना के तहत छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट छाप दिए गए। पांच रुपए वाले 12 डाक टिकट छोटा राजन और 12 मुन्ना बजरंगी के हैं। डाक विभाग को इसके लिए निर्धारित 600 रुपये फीस अदा की गई। योजना के तहत डाक टिकट छापने से पहले न फोटो की पड़ताल की गई न किसी तरह का प्रमाणपत्र मांगा गया।

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कानपुर डाक विभाग द्वारा माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी और छोटा राजन के डाक टिकट जारी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए डाक सहायक रजनीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। चीफ पोस्टमास्टर हिमांशु कुमार मिश्र ने यह जानकारी दी।
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माफिया के नाम पर डाक टिकट जारी होने से मचा हड़कंप
माफिया के डाक टिकट जारी होने के बाद पूरे डाक विभाग में हड़कंप मच गया है। बता दें कि माफिया मुन्ना बजरंगी की 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल में हत्या कर दी गई थी। उधर, छोटा राजन को 2015 में बाली से गिरफ्तार करके भारत लाया गया था। अभी वह तिहाड़ जेल में है।


आप भी जानिए क्या है माई स्टांप योजना
माई स्टांप योजना 2011 में शुरू की गई थी। इसके तहत सिर्फ 300 रुपये फीस देकर कोई भी व्यक्ति अपनी तस्वीरों वाले 12 माई स्टांप (डाक टिकट) जारी करवा सकता है। ये दूसरे डाक टिकटों की तरह मान्य होते हैं। इनसे आप देश के किसी कोने में डाक भेज सकते हैं। माई स्टांप बनवाने के लिए पासपोर्ट साइज का फोटो और पूरा ब्योरा देना पड़ता है। एक फार्म भरवाया जाता है, जिसमें पूरी जानकारी देनी पड़ती है। जिसके नाम पर डाक टिकट जारी हो रहा है, उसका जीवित रहना जरूरी है। उस व्यक्ति को सत्यापन के लिए डाक विभाग भी जाना पड़ता है।

इस मामले की जांच करवाई जाएगी। अगर जांच में कोई  विभागीय कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसपर कार्रवाई होगी। जो माई स्टांप  (डाक टिकट) माफिया की फोटो लगवाकर बनवाए गए हैं। ये विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास है और कुछ नहीं। आगे से किसकी फोटो छप रही है इसका ध्यान रखा जाएगा।
हिमांशु कुमार मिश्र, प्रवर अधीक्षक डाक विभाग

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