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Kanpur: बाबा साकार विश्वहरि की तलाश में बिधनू आश्रम पहुंची पुलिस, सेवादारों से पूछताछ

Wed, 03 Jul 2024 11:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 03 Jul 2024 11:20 PM IST
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Kanpur: Police reached Bidhanu Ashram in search of Baba Sakar Vishvahari
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
हाथरस कांड के बाद फरार बाबा साकार विश्वहरि उर्फ भोले बाबा का कानपुर कनेक्शन भी सामने आया है। पता चला है कि उनका बिधनू विकासखंड की कठारा ग्राम पंचायत के मजरे करसुई गांव में आश्रम है। बुधवार को कानपुर पुलिस बाबा की तलाश करते हुए इस आश्रम पहुंची और सेवादारों से पूछताछ की। खास जानकारी न मिलने पर पुलिस लौट गई।
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ग्रामीणों के अनुसार आश्रम निर्माण के लिए बाबा ने करीब सात बीघा पट्टे की जमीन खरीदी थी। करीब तीन बीघे में चल रहा आश्रम का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। आश्रम में एक दर्जन से अधिक कमरे और सत्संग के लिए एक बड़ा हाॅल बना हुआ है। आश्रम में 15 सेवादार 24 घंटे मौजूद रहते हैं। स्थानीय विजय के अनुसार आश्रम में रोजाना सुबह 11 बजे और शाम को करीब सात बजे आरती होती है। इस दौरान आसपास गांव से भक्त भी आश्रम पहुंचते हैं। बाहरी श्रद्धालुओं का भी आना-जाना लगा रहता है। आश्रम की कमेटी के अध्यक्ष अनिल तोमर हैं जो हाथरस की घटना के बाद से आश्रम नहीं आए हैं। बिधनू इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आश्रम में सेवादारों के अलावा कोई नहीं मिला। पुलिस आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है।
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आश्रम निर्माण के दौरान सेवादारों से हुआ था विवाद
नौबस्ता निवासी मोहित सचान का साल 2021 में आश्रम निर्माण के दौरान सेवादारों के साथ विवाद हुआ था। उनका आरोप था कि आश्रम के नजदीक उनकी जमीन पर भी निर्माण कराया जा रहा था और बदले में आश्रम के पीछे की जमीन दी जा रही थी। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। उसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर जमीन अलग-अलग कर विवाद खत्म कराया था।

 
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विवाद के बाद छोड़ दिया था कार्यक्रम
बाबा का 2015 में गल्लामंडी के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में सत्संग हुआ था। इस सत्संग के दौरान आयोजक मंडल के सदस्यों में विवाद हो गया, जिसके बाद बाबा सत्संग बीच में छोड़कर चले गए। इसके बाद सजेती में सत्संग हुआ, इसके बाद वे कानपुर नहीं आए। लोगों का कहना है कि भक्तों की संख्या बढ़ने के बाद ही बाबा ने बिधनू में जमीन खरीदकर आश्रम का निर्माण शुरू कराया।

बिधनू में बाबा के आश्रम में के बारे में जानकारी मिली है। इसको लेकर कोई विवाद है या नहीं, कोई रिपोर्ट दर्ज हुई थी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। जांच की जा रही है। ग्रामीणों की समस्याओं का पता चला है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।- रविंद्र कुमार, डीसीपी साउथ

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