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UP: जुलाई में गली-गली नजर आएगा पराग का दूध, दही व पनीर, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड करेगा संचालन, पढ़ें डिटेल

Fri, 06 Jun 2025 05:43 PM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर
रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 06 Jun 2025 05:43 PM IST
सार

Kanpur News: डेयरी के संचालन से शहरवासियों को लाभ मिलेगा। यहां पर दूध के साथ दही, मक्खन, दूध पाउडर, पनीर, मट्ठा आदि का उत्पादन होगा। संचालन से करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

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Kanpur Parag milk, curd and cheese will be seen in  July National Dairy Development Board will operate
पराग डेयरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर शहर की गली और मोहल्लों में लंबे समय के बाद पराग का दूध, दही, छाछ, पनीर समेत अन्य उत्पाद नजर आएंगे। जुलाई से नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) दस वर्ष की लीज पर पराग डेयरी प्लांट का संचालन करने जा रहा है। शासन की ओर से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है, जबकि इस हफ्ते करार हो सकता है। जून के अंत तक चार लीटर क्षमता के प्लांट का ट्रायल होगा।

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निरालानगर में 1962 में बना प्लांट
निरालानगर की लगभग 56 एकड़ जमीन पर 1962 में पराग डेयरी का 50 हजार लीटर क्षमता का प्लांट बना था। उस समय कानपुर और कानपुर देहात से दूध आता था। करीब 20 हजार लीटर पराग के दूध की बिक्री होती थी, लेकिन धीरे-धीरे समय बीता और मशीनें खराब होने लगीं। वर्ष 2013 में प्लांट बंद कर दिया गया, जिससे पराग की बिक्री भी ठप हो गई। इस दौरान कई निजी कंपनियों ने पांव पसार दिए। प्लांट के संचालन को लेकर कई प्रयास हुए। परिसर में 12 अप्रैल 2016 को आधुनिक प्लांट का शिलान्यास हुआ। वर्ष 2020 में करीब 166 करोड़ की लागत से दो लाख लीटर दूध और दो लाख लीटर पाउडर बनाने की क्षमता का प्लांट तैयार हुआ। यह प्लांट कर्मचारियों से लेकर विभिन्न विभागों की करीब 26 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी होने से चल नहीं सका। आधुनिक प्लांट भी संचालित नहीं हुआ।

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10 साल लीज पर प्लांट होगा संचालित
प्रमुख सचिव दुग्ध विकास के. रविंद्र नायक ने मई के अंत में एनडीडीबी से सहमति कर शासनदेश जारी कर दिया है। पराग प्लांट को 10 साल के लिए लीज पर देने की स्वीकृति हुई है। अक्टूबर 2023 में निजी क्षेत्र के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी। नेशनल डेयरी द्वारा प्लांट को संचालित करने का प्रस्ताव आया तो, कानपुर दुग्ध संघ ने प्रस्ताव पर सहमति दे दी थी। शासन ने भी नेशनल डेयरी पर अंतिम मुहर लगा दी। उत्पाद पराग के नाम से रहेंगे।

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एक हजार से अधिक को मिलेगा रोजगार
डेयरी के संचालन से शहरवासियों को लाभ मिलेगा। यहां पर दूध के साथ दही, मक्खन, दूध पाउडर, पनीर, मट्ठा आदि का उत्पादन होगा। संचालन से करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पुराने कर्मचारियों को भी काम मिलने की उम्मीद है। बकायेदारों और कर्मचारियों की देनदारी मंथन चल रहा है।

नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड से सहमति हो चुकी है। इसी हफ्ते करार भी हो जाएगा। जून के अंत तक प्लांट का ट्रायल होगा, जबकि जुलाई से लोगों को दूध, दही और अन्य उत्पाद मिलने लगेंगे। जैसे जैसे उत्पादन बढ़ेगा, इसे आसपास के जिलों में भेजा जाएगा।  -सुनील कुमार, महाप्रबंधक, पराग डेयरी

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