घटेगा मोटापा: 25 हजार वाला इंजेक्शन दो हजार में, MNC का पेटेंट हुआ खत्म, अब भारतीय कंपनियां उतरेंगी मैदान में
Kanpur News: सेमाग्लूटाइड साल्ट का पेटेंट 30 मार्च को खत्म हो गया है, जिससे इसकी कीमत 25 हजार से घटकर दो हजार रुपये रह जाएगी। डॉक्टर ने बिना सलाह इसे न लेने की चेतावनी दी है।
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मोटापा कम करने की की दवा सीमा ग्लूटाइड सॉल्ट अब करीब 12 गुना सस्ती मिलेगी। जिस मल्टी नेशनल कंपनी ने इसको तैयार किया था उसका पेटेंट 30 मार्च को समाप्त हो रहा है। अब 50 भारतीय कंपनियां इसे तैयार कर रही हैं। इससे यह दवा सस्ती मिलेगी।
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह दवा इंजेक्शन और टेबलेट दोनों रूप में इस्तेमाल की जाती है। अभी तक चार इंजेक्शन तकरीबन 25 हजार रुपये के मिलते है। अब लगभग दो हजार रुपये हो जाएंगे।
डायबिटीज रोगियों को मिलता है फायदा
बताया कि इस दवा की खोज डायबिटीज रोगियों के लिए की गई। इसका इस्तेमाल ब्लड शुगर लेवल कम करने के लिए हुआ लेकिन बाद में यह दवा मोटापा कम करने में बहुत कारगर साबित हुई। उन्होंने बताया कि इस दवा के इस्तेमाल से डायबिटीज रोगियों को फायदा मिलता है।
पैंक्रियाज में आ सकती है सूजन
मोटापा घटने से कोलेस्ट्राल और लिपिड वगैरह भी नियंत्रण में आने लगता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन में इसके गलत इस्तेमाल के संबंध में चेताया गया है। कोई भी अपने मन से खाए। बिना जरूरत इस्तेमाल से वजन तो कम होगा, लेकिन पैंक्रियाज में सूजन आ सकती है।
डॉक्टर की निगरानी में किया जा सकता है इस्तेमाल
थायरॉयड डिसऑर्डर होने पर गंभीर रोग हो सकते हैं। आंख के पर्दे में फंगल इंफेक्शन हो तो भी इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। डॉ. शर्मा ने बताया कि बीएमआई 27 से अधिक होने, हृदय, गुर्दा आदि की बीमारी न होने पर डॉक्टर की निगरानी में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे करती है काम
यह दवा मस्तिष्क के भूख नियंत्रित करने वाले केंद्र पर असर करती है। इससे भूख दब जाती है। पेट खाली होने की गति धीमी कर देती है। इससे पेट भरा-भरा लगता है। खाने की इच्छा नहीं करती। व्यक्ति का वजन कम होने लगता है।