कानपुर: खून से सने कानपुर-सागर हाईवे पर चेता एनएचएआई, स्कूल बस हादसे के बाद पैचवर्क शुरू, उठे गंभीर सवाल
Kanpur News: बिधनू थाना क्षेत्र स्थित हरबसपुर में स्कूल बस और मौरंग लदे डंपर की भीषण भिड़ंत में विज्ञान शिक्षिका की मौत के बाद आखिरकार एनएचएआई की नींद टूट गई है। बदहाल कानपुर-सागर राजमार्ग पर उठे तीखे सवालों के बाद हरबसपुर से बिधनू तक क्षतिग्रस्त सड़क और जानलेवा गड्ढों पर आनन-फानन में पैचवर्क शुरू कर दिया गया है।
विस्तार
कानपुर में बिधनू थाना क्षेत्र के हरबसपुर गांव में स्कूल बस और डंपर की भीषण भिड़ंत में शिक्षिका की मौत के बाद आखिरकार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नींद टूट गई। हादसे के बाद कानपुर-सागर राजमार्ग की बदहाल सड़क को लेकर उठे सवालों के बीच विभाग ने गड्ढों की मरम्मत शुरू करा दी है। हरबसपुर से बिधनू की ओर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़क पर गड्ढे भरकर उसे समतल किया जाना शुरू हुआ।
बारिश के बाद कानपुर-सागर राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। कई हिस्सों में सड़क की हालत इतनी खराब थी कि वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए अचानक वाहन की दिशा बदलनी पड़ रही थी। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच टक्कर और अनियंत्रित होने का खतरा बना हुआ था।
शिक्षिका की मौत हो गई, छात्रों समेत कई लोग घायल
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की ओर से लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग उठाई जा रही थी। इसी बीच हरबसपुर पंचायत भवन के सामने स्कूल बस और मौरंग लदे डंपर की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बस सवार विज्ञान शिक्षिका ऐश्वर्या श्रीवास्तव की मौत हो गई, जबकि छात्रों समेत कई लोग घायल हुए। हादसे के बाद सड़क की बदहाली और राजमार्ग पर यातायात सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग पर सवाल खड़े हुए।
हादसे के बाद शुरू हुआ काम
हादसे के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिह्नित कर मरम्मत का काम शुरू कराया। गड्ढों में निर्माण सामग्री डालकर उन्हें समतल किया जा रहा है। हरबसपुर से बिधनू के बीच कई स्थानों पर कर्मचारी सड़क की मरम्मत में जुटे हैं। काम शुरू होने से वाहन चालकों को फिलहाल कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सवाल, पहले क्यों नहीं कराई गई मरम्मत
हादसे के बाद सड़क की मरम्मत शुरू होने से स्थानीय लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब राजमार्ग की हालत पहले से खराब थी तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि किसी हादसे के बाद सड़क की सुध लेने के बजाय विभाग को नियमित निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की समय पर मरम्मत करानी चाहिए।
सिर्फ गड्ढे भरने से नहीं चलेगा काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद बने गड्ढों को केवल पेचवर्क से भरना स्थायी समाधान नहीं है। सड़क की गुणवत्ता की जांच के साथ जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और मजबूत मरम्मत जरूरी है, ताकि कुछ समय बाद सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील न हो। इसके अलावा राजमार्ग पर डिवाइडर लगाने और सड़क का चौड़ीकरण कराने की भी जरूरत है।
हादसे के बाद शुरू हुआ पैचवर्क
फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग अब राजमार्ग की नियमित निगरानी करेगा या फिर अगली दुर्घटना के बाद ही सड़क की सुध ली जाएगी। अगर इसे और ज्यादा करारा फॉलोअप बनाना हो तो हेडिंग की दिशा में हादसे ने खोली पोल, अब गड्ढे भरने दौड़ा विभाग वाला तेवर भी रखा जा सकता है।