कानपुर: झांसी वर्कशॉप ने बनाया हाईटेक डस्टबिन, अब 20 गुना ज्यादा समाएगा कूड़ा, आरडीएसओ की मंजूरी का इंतजार
Kanpur News: झांसी वैगन वर्कशॉप ने एलएचबी कोचों के लिए 367.4 लीटर क्षमता वाला गुरुत्वाकर्षण आधारित नया डस्टबिन सिस्टम तैयार किया है, जो पुराने डस्टबिन से 20 गुना बड़ा है। आरडीएसओ से मंजूरी मिलते ही इसे ट्रेनों में लगाया जाएगा, जिससे डिब्बों में गंदगी और बदबू की समस्या दूर होगी।
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कानपुर में लंबी दूरी की ट्रेनों में कचरा फैलने और पटरियों पर फेंके जाने की समस्या पर अब रोक लगेगी। झांसी के वैगन मरम्मत कारखाने ने एलएचबी कोचों के लिए नई कचरा निपटान प्रणाली विकसित की है। इसमें 18 लीटर की जगह 367.4 लीटर कचरा जमा किया जा सकेगा। पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि वर्तमान में छोटे कूड़ेदान जल्दी भर जाते हैं, जिससे कचरा केबिन में फैलता है।
झांसी वर्कशॉप ने इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने का प्रयास किया है। एक एलएचबी कोच में स्थापित किया गया है। इसे अब अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के निरीक्षण के लिए भेजा गया है। आरडीएसओ की मंजूरी के बाद इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
ड्रॉप बॉक्स और कलेक्टर की धुलाई की भी व्यवस्था
नई प्रणाली में फर्श पर गारबेज ड्रॉप बॉक्स, सेंट्रल कनेक्टर और अंडरगियर में स्टेनलेस स्टील गारबेज कलेक्टर है। यात्री के कचरा डालते ही वह गुरुत्वाकर्षण से सीधे नीचे बने कलेक्टर टैंक में चला जाता है। इससे केबिन में कचरा जमा होने और दुर्गंध फैलने की आशंका कम होगी। कलेक्टर टैंक में विशेष 3:10 टेपर डिजाइन है, जिससे डिपो पहुंचने पर कचरा तेजी से खाली होगा। ड्रॉप बॉक्स और कलेक्टर की धुलाई और स्वच्छता की भी व्यवस्था की गई है।
- मौजूदा क्षमता: करीब 18 लीटर
- नई क्षमता: 367.4 लीटर
- क्षमता में बढ़ोतरी: 20 गुना से अधिक
- प्रणाली: गुरुत्वाकर्षण आधारित
- कलेक्टर: स्टेनलेस स्टील
- मौजूदा स्थिति: एक एलएचबी कोच में प्रोटोटाइप स्थापित