{"_id":"688e5547dc20f7203a0b0939","slug":"kanpur-impact-of-the-overturning-of-bogies-of-jansadharan-express-continued-on-the-second-day-as-well-2025-08-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: दूसरे दिन भी रहा जनसाधारण एक्सप्रेस की बोगियों के पलटने का असर, 100 से अधिक ट्रेनें घंटों लेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: दूसरे दिन भी रहा जनसाधारण एक्सप्रेस की बोगियों के पलटने का असर, 100 से अधिक ट्रेनें घंटों लेट
Sat, 02 Aug 2025 11:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:48 PM IST
सार
Kanpur News: कई ट्रेनों को एक से तीन घंटे तक आउटरों पर रोकना पड़ा। 1600 यात्रियों ने टिकट निरस्त कराए।
विज्ञापन
कानपुर सेंट्रल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनसाधारण एक्सप्रेस हादसे का असर दूसरे दिन शनिवार को भी दिखा। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर करीब 100 से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन आईं। तेजस, राजधानी, शताब्दी सहित कई ट्रेनें एक से लेकर तीन घंटे तक आउटरों पर रुककर सेंट्रल स्टेशन आकर गंतव्य को गईं। इससे यात्री व उनके परिजन परेशान रहे। इस दौरान करीब 1600 यात्रियों ने टिकट निरस्त कराईं। सेंट्रल स्टेशन पर भी अफरा-तफरी मची रही।
शुक्रवार शाम भाऊपुर आउटर यार्ड पर हादसे के बाद राजधानी-कानपुर सेंट्रल शताब्दी जैसी ट्रेनें पांच घंटा तक देरी से सेंट्रल स्टेशन पहुंचीं। रात 10 बजे आने वाली ट्रेनें सुबह तीन बजे आईं। दिल्ली-हावड़ा रूट पर हादसे का असर दूसरे दिन तक ऐसा रहा कि लखनऊ जंक्शन से कानपुर सेंट्रल झांसी-मुंबई व अनवरगंज फर्रुखाबाद-कन्नौज के रास्ते जाने वाली ट्रेनें भी लेट हुईं। आगरा छावनी वंदे भारत एक्सप्रेस एक घंटा, हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस ढाई घंटा, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस सात घंटा, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस पौने सात घंटा, दरभंगा क्लोन स्पेशल ढाई घंटा, नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस सवा चार घंटा, ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने दो घंटा, अयोध्या कैंट-आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत तीन घंटा, हावड़ा-राजधानी एक घंटा, कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस व सियालदह राजधानी एक्सप्रेस पौने दो घंटा, गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस साढ़े चार घंटा सहित कई ट्रेनें लेट रहीं। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस शनिवार सुबह 8:10 बजे दिल्ली पहुंची। वहां से दोपहर 12:10 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल पर 6:10 बजे आई।
विज्ञापन
शुक्रवार शाम भाऊपुर आउटर यार्ड पर हादसे के बाद राजधानी-कानपुर सेंट्रल शताब्दी जैसी ट्रेनें पांच घंटा तक देरी से सेंट्रल स्टेशन पहुंचीं। रात 10 बजे आने वाली ट्रेनें सुबह तीन बजे आईं। दिल्ली-हावड़ा रूट पर हादसे का असर दूसरे दिन तक ऐसा रहा कि लखनऊ जंक्शन से कानपुर सेंट्रल झांसी-मुंबई व अनवरगंज फर्रुखाबाद-कन्नौज के रास्ते जाने वाली ट्रेनें भी लेट हुईं। आगरा छावनी वंदे भारत एक्सप्रेस एक घंटा, हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस ढाई घंटा, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस सात घंटा, नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस पौने सात घंटा, दरभंगा क्लोन स्पेशल ढाई घंटा, नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस सवा चार घंटा, ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने दो घंटा, अयोध्या कैंट-आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत तीन घंटा, हावड़ा-राजधानी एक घंटा, कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस व सियालदह राजधानी एक्सप्रेस पौने दो घंटा, गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस साढ़े चार घंटा सहित कई ट्रेनें लेट रहीं। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस शनिवार सुबह 8:10 बजे दिल्ली पहुंची। वहां से दोपहर 12:10 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल पर 6:10 बजे आई।
विज्ञापन
कानपुर सेंट्रल
- फोटो : अमर उजाला
112 रेलकर्मियों के होंगे बयान
जनसाधारण एक्सप्रेस हादसे मामले की जांच के लिए रेल संरक्षा आयुक्त के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। इसी टीम ने शनिवार को आकर जांच की। अब पांच अगस्त को मुख्य संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर परिमंडल हादसे से जुड़े 112 रेल कर्मचारियों के बयान लेंगे। प्रारंभिक जांच में अभी तक मेन लाइन से लूपलाइन जाने वाले प्वाइंट (कैंची यानी की चेंज प्वाइंट) के ट्रैक खामी की बात सामने आ रही है। विस्तृत जांच के बाद ही इसका खुलासा होगा।
ऐसा लगा जैसे भूकंप आया
रेल संरक्षा आयुक्त ने हादसे में घायल बिहार निवासी सद्दाम व कादिर से हैलट आकर बयान दर्ज किए। कादिर ने बताया कि दुर्घटना के दौरान ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। पलक झपकते ही चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए कूदे, बस इतना ही ध्यान है। अस्पताल आने पर पता चला कि पैर टूटा है। हादसे में तीन घायल शिवली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती थे। शनिवार दोपहर बाद घायलों को छुट्टी दे दी गई।
जनसाधारण एक्सप्रेस हादसे मामले की जांच के लिए रेल संरक्षा आयुक्त के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। इसी टीम ने शनिवार को आकर जांच की। अब पांच अगस्त को मुख्य संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर परिमंडल हादसे से जुड़े 112 रेल कर्मचारियों के बयान लेंगे। प्रारंभिक जांच में अभी तक मेन लाइन से लूपलाइन जाने वाले प्वाइंट (कैंची यानी की चेंज प्वाइंट) के ट्रैक खामी की बात सामने आ रही है। विस्तृत जांच के बाद ही इसका खुलासा होगा।
ऐसा लगा जैसे भूकंप आया
रेल संरक्षा आयुक्त ने हादसे में घायल बिहार निवासी सद्दाम व कादिर से हैलट आकर बयान दर्ज किए। कादिर ने बताया कि दुर्घटना के दौरान ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। पलक झपकते ही चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए कूदे, बस इतना ही ध्यान है। अस्पताल आने पर पता चला कि पैर टूटा है। हादसे में तीन घायल शिवली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती थे। शनिवार दोपहर बाद घायलों को छुट्टी दे दी गई।