Kanpur: एक लाख से अधिक बिजली खर्च…तो भरना होगा आयकर रिटर्न, इन स्थितियों में आईटीआर दाखिल करना है अनिवार्य
Kanpur News: विदेशी यात्रा या एक लाख से अधिक बिजली खर्च जैसे मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है, भले ही आय कर-योग्य न हो। करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है, जबकि टैक्स ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए यह 31 अक्टूबर 2025 है।
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अपने या किसी दूसरे व्यक्ति की विदेश यात्रा में दो लाख से अधिक धन खर्च किया गया है। एक लाख से अधिक के बिजली खर्च का भुगतान किया गया है। तब आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करने होंगे। बैंक जमा, केपिटल गेन की छूट का दावा लेने वालों को आयकर रिटर्न दाखिल करने होंगे। मर्चेंट चेंबर ऑफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता और सीए शिवम ओमर ने बताया कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक है।
नौकरीपेशा, कारोबारी एवं पेशेवर व्यक्ति पूंजीगत संपत्ति से कैपिटल गेन, गृह संपत्ति से आय, कारोबार एवं पेशे से आय और अन्य श्रोतों जैसे ब्याज, लाभांश आदि से आय अर्जित करने वाले करदाताओं, जिनकी आमदनी करयोग्य सीमा से अधिक है। इसके अतिरिक्त अन्य हैसियत के करदाताओं, संस्थानों आदि एवं कतिपय उच्च मूल्य के खर्चों के दायरे में आने वाले व्यक्तियों को भी अपने आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करने हैं। इसके अतिरिक्त ऐसे कारोबारी व पेशेवर व्यक्ति, जिनकी लेखाबहियां आयकर कानून की धारा 44 एबी के तहत अनिवार्य रूप से टैक्स ऑडिट के दायरे में हैं।
अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करने होंगे
उन्हें अपने आयकर रिटर्न 31 अक्तूबर 2025 तक दाखिल करना है। लेकिन टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2025 तक आयकर विभाग के ऑनलाइन फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। संतोष गुप्ता ने बताया कि कर निर्धारण वर्ष 2025-2026 के आयकर रिटर्न 15 सितंबर तक दाखिल किए जाने हैं। यदि किसी भी बैंक के चालू खाते या सभी चालू खातों को मिलाकर एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक धनराशि जमा कराई गई है, तो अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करने होंगे। इसके अतिरिक्त साझीदारी फर्मों, कंपनी करदाताओं को चाहे हानि हो या लाभ। दोनों ही दशाओं में आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करना है।
ई-फाइलिंग पोर्टल पर करना होगा चयन करना
ऐसे आयकरदाता जिन्हें संपत्ति की बिक्री से कैपिटल गेन की आमदनी हुई है। धारा 54 के तहत कैपिटल गेन से करमुक्ति लाभ का दावा कर रहे हैं। तब भी उन्हें भी आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। चैरिटेबिल ट्रस्ट, संस्थान को भी अपने आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करने हैं। राजनैतिक दलों को भी अपना आयकर रिटर्न करमुक्ति सीमा से अधिक होने पर दाखिल करने होंगे। करमुक्ति के लाभ का दावा कर रहे विश्वविद्यालय, कॉलेज आदि के भी रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब आयकर का फाइलिंग पोर्टल नई रिजीम की घटी स्लैब दर के तहत आयकर रिटर्न स्वीकार करेगा। लेकिन यदि करदाता को पुराने रिजीम के तहत अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना है। तब उन्हें ई-फाइलिंग पोर्टल पर इसका विशेष तौर पर चयन करना होगा।