Kanpur: चार युवतियों की मदद से बर्खास्त सिपाही हनी ट्रैप में फंसाता था, वायरल हुआ चौंकाने वाला ऑडियो
कानपुर में हनी ट्रैप में फंसाकर वसूली करने का मामला सामने आया है। चार युवतियों की मदद से बर्खास्त सिपाही घटना को अंजाम देता था। एडीजी जोन की जांच में मामले से जुड़े कई खुलासे हुए हैं।
विस्तार
हनी ट्रैप के मामले में बर्खास्त सिपाही रवींद्र राजपूत चार युवतियों की मदद से सरकारी कर्मचारियों और कारोबारियों को फंसाकर लाखों रुपये वसूलता था। इसका खुलासा एडीजी जोन की जांच में हुआ। उसकी गिरोह में शामिल एक युवती का कार्बाइन के साथ फोटो और ऑडियो भी वायरल हुआ है।
केशवपुरम के आवास विकास निवासी हरिश्चंद्र पांडेय बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि महोबा के श्यावन निवासी एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जेल से छूटने के बाद खोजबीन शुरू की तो पता चला कि युवती एक हनी ट्रैप गिरोह की सदस्य है, जो सरकारी कर्मचारियों और कारोबारी को झांसे में लेकर छेड़खानी और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए ब्लैकमेल करती है। सरगना यूपी पुलिस में तैनात सिपाही रवींद्र सिंह राजपूत है।
तत्कालीन एसपी ने किया था बर्खास्त
सिपाही रवींद्र ने ललितपुर में तैनाती के दौरान भी युवतियों की मदद से कई कर्मचारियों और कारोबारियों को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये वसूल किए थे। तत्कालीन एसपी ललितपुर निखिल पाठक ने उसे बर्खास्त कर दिया था।
कल्याणपुर थाने में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
बर्खास्त सिपाही रवींद्र कुमार व उसके साथियों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में भी रंगदारी मांगने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एडीजी की जांच में पता चला कि बर्खास्त सिपाही के खिलाफ ऐसे नौ मामले प्रकाश में आए हैं। छतरपुर में इसी प्रकरण में वह जेल जा चुका है।
चौंकाने वाला ऑडियो
बर्खास्त सिपाही रवींद्र के गिरोह की एक युवती की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें युवती स्वीकार कर रही है कि वह रवींद्र के कहने पर पैसे वालों को फंसाती थी। आरोप लगाकर उनसे वसूली करती थी। उसने यह भी बताया कि गिरोह में कई लड़कियां हैं, लेकिन वह उन लड़कियों से कभी मिली नहीं।