Kanpur: फर्जी दस्तावेज से लोन लेने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार, ऐसे खुली पोल
यूपी के कानपुर में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज से लोन लेने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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कानपुर में नजीराबाद पुलिस ने कौशलपुरी स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से दस लाख के लोन के फर्जीवाड़े की जांच की तो पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हाे गया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी सेंट्रल आरती सिंह ने बताया कि गोविंदनगर निवासी शिवम पाल कल्याणपुर निवासी रूकेश यादव के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों की मदद से लोन एप्लाई करते थे।
घाटमपुर के डोहरू गुजैला गांव निवासी उदित राज सिंह और शानू पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी थी। इन सभी से एक कार, चार मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं। एक कंपनी के कर्मचारी गोविंदनगर निवासी मोहित रोहिरा को कार खरीदने में मदद के आरोप में पकड़ा गया है। हालांकि उसके शोरूम से आरोपियों ने कार खरीदी नहीं थी।
एडीसीपी ने बताया कि 22 मई 2023 को आरोपियों ने बैंक ऑफ इंडिया की कौशलपुरी ब्रांच से जगत कुमार नाम के व्यक्ति के दस्तावेज लेकर 10.95 लाख रुपये का लोन लिया, लेकिन किस्त अदा नहीं की। शाखा प्रबंधक शुभी शर्मा ने जांच रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ऐसे किया खेल
जांच के अनुसार आरोपी शिवल पाल और रुकेश यादव को जगत कुमार नाम के व्यक्ति ने हाउसिंग लोन दिलाने के लिए अपना पैन, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट दिए। शिवम और रुकेश ने जगत का सिबिल चेक किया तो वह एक्सीलेंट निकला। उन्होंने जगत का होमलोन नहीं कराया बल्कि उदितराज की मदद से शानू से संपर्क कर एडिट कराया और आरएनजी निसान मोटर्स में काम करने वाले मित्र मोहित रोहिरा से मिलकर एसबीआई की विष्णुपुरी शाखा से साढ़े दस लाख का लोन एप्लाई कर दिया। एसबीआई से लोन रिजेक्ट होने पर उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया की कौशलपुरी शाखा में एप्लाई किया और लोन मंजूर हो गया। हालांकि उन्होंने कार निसान के बजाय रेनॉल्ट कंपनी की खरीद ली।