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Kanpur: फर्जी दरोगा बन ठगी करने वाला गिरफ्तार, फर्नीचर कारोबारी से लिए थे 15 लाख

Wed, 18 Sep 2024 12:13 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 18 Sep 2024 12:13 AM IST
सार

Kanpur News: फर्जी दरोगा बन ठगी करने वाला गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कभी एसीपी ऑफिस तो कभी उन्नाव में तैनाती बताता था। उसके पास से वर्दी, आईएएस को प्रशिक्षण देने वाली संस्था का आई कार्ड मिला है।
 

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Kanpur: Fraudster arrested for posing as fake inspector, had taken 15 lakhs from a furniture businessman
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

वर्दी पहनकर फर्नीचर कारोबारी से 15 लाख रुपये की ठगी करने वाले फर्जी दरोगा को कल्याणपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह लंबे समय से लोगों पर पुलिस का रौब दिखाकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से पुलिस का लोगो लगी कार, वर्दी के अलावा आईएएस को प्रशिक्षण देने वाली लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (लबासना) का आई कार्ड भी बरामद हुआ है।
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कल्याणपुर सीटीएस बस्ती निवासी चंद्रेश्वर सिंह आर्डनेंस फैक्ट्री से रिटायर होने के बाद नेत्रहीन हो गए थे। इसके बाद उन्होंने फर्नीचर का कारोबार शुरू किया। चंद्रेश्वर सिंह ने बताया कि उनके दामाद सागर ने कुछ समय पहले एसीपी ऑफिस में तैनात दरोगा होने का दावा करने वाले संजीव कुमार यादव से मिलवाया था। दामाद ने बताया था कि वह गूबा गार्डेन में पत्नी नेहा और बच्चे के साथ रहता है। पत्नी के नाम जमीन की रजिस्ट्री करानी है, लेकिन अभी पैसे नहीं हैं।
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गुजारिश की कि वह संजीव को 15 लाख रुपये दे दें। दामाद के भरोसे पर चंद्रेश्वर ने सितंबर 2023 को 10 लाख रुपये आरटीजीएस और पांच लाख रुपये नकद दे दिए। इसके एवज में संजीव ने एक ब्लैंक चेक दे दी। चेक अकाउंट में लगाई गई तो वह वापस लौट आई। कई बार के बाद जब सात अगस्त को चेक बाउंस हुई तो ठगी का पता चला। उन्होंने फर्जी दरोगा, दामाद समेत तीन लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। मामले की जांच कर रहे इंद्रानगर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार सिंह ने जब आरोपी को चौकी बुलाया तो उसने खुद को पहले जीआरपी लखनऊ, फिर जीआरपी उन्नाव और फिर काकोरी थाने में तैनात होना बताया। जब उन्होंने उसके द्वारा बताए गए स्थान पर पता किया तो सब फर्जी निकला। शक होने पर चौकी इंचार्ज ने उसे सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर लिया।
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आईएएस बताकर भी ठगी करने की आशंका
आरोपी के पास से आईएएस को प्रशिक्षण दिए जाने वाले लबासना संस्थान का आई कार्ड मिला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी को आईएएस बनकर तो ठगी नहीं की। हालांकि अभी तक पुलिस को दरोगा बनकर ठगी करने की तीन शिकायतें मिली हैं, जिनमें एक में केस दर्ज किया गया है।

 

ये हुई बरामदगी
तीन जोड़ी वर्दी, तीन पी कैप, एक बैरट कैप, पांच बेल्ट चपरास लगी, 12 जोड़ी स्टार फ्लैप में लगे, तीन सीटी डोरी, सात मोनो ग्राम, दो होलिस्टर, एक पिस्टल डोरी, दो नेम प्लेट, एक जोड़ी जूता लाल रंग का, दो जोड़ी स्टार, एक जोड़ी यूपीपी बैच, एक ताज, दो इंसीनिया, चार फुल थ्रू, छह खाली फ्लैप, दो रबर स्टैंप मुहर, एक सील मुहर, एक स्टांप पैड, दो आई कार्ड यूपी पुलिस प्लास्टिक के, चार कैंटीन कार्ड, एक डायरी इस्तेमाली मय एफआईआर, एक ड्राइविंग लाइसेंस वर्दी में लगी फोटो, एक आईकार्ड आईएएस लबासना एकेडमी मसूरी का।

फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई है। उससे जुड़े मामलों की तलाश पुलिस कर रही है। उसके पास मौजूद परिचय पत्र व अन्य दस्तावेज कहां से मिले। इसकी जांच की जा रही है।- अभिषेक पांडेय, एसीपी कल्याणपुर

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