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कानपुर: पूर्व सांसद के बेटे का 40.61 लाख का शटरिंग व अन्य माल बेचकर हड़पा

Sun, 01 Nov 2026 06:11 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Sun, 01 Nov 2026 06:11 PM IST
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Kanpur: Former MP’s son misappropriates construction equipment worth ₹40.61 lakh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
पूर्व सांसद के बेटे और एसएम इन्फ्रा फर्म के पार्टनर अनूप पचौरी की फर्म से किराये पर लिए गए 40 लाख 61 हजार 720 रुपये कीमत के लोहे के स्कैफोल्डिंग और शटरिंग के सामान को बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रयागराज के हंडिया में निर्माण कार्य के लिए सामान किराये पर लेने वाले सक्सेना कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर चंद्र प्रकाश और उनके अधिकृत प्रतिनिधि सुजीत प्रताप सिंह ने उसे किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। कई महीने तक किराया नहीं मिला तो फर्म पार्टनर ने मौके पर जाकर पड़ताल की। वहां सामान गायब मिला। अनूप की शिकायत पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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काकादेव के नवीन नगर निवासी अनूप पचौरी की एसएम इन्फ्रा फर्म स्वरूप नगर में संचालित है। फर्म लोहे की स्कैफोल्डिंग और शटरिंग का सामान किराये पर देने का काम करती है। अनूप के अनुसार, फरवरी 2026 में सक्सेना कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर चंद्र प्रकाश और उनके अधिकृत प्रतिनिधि सुजीत प्रताप सिंह ने फर्म से संपर्क किया था। दोनों ने बताया कि प्रयागराज के हंडिया में उनका निर्माण कार्य चल रहा है और इसके लिए लोहे की स्कैफोल्डिंग और शटरिंग की जरूरत है।
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इस पर 10 मार्च 2026 को दोनों फर्मों के बीच किराये का अनुबंध हुआ। इसके बाद 19 मार्च और 18 अप्रैल को दो चरणों में 40 लाख 61 हजार 720 रुपये कीमत का सामान हंडिया स्थित प्लॉट नंबर 105, पिलर नंबर 15 पर भेजा गया। सामान की आपूर्ति के लिए चालान और ई-वे बिल भी जारी किए गए थे।
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अनूप का आरोप है कि मई में किराया नहीं मिलने पर उन्होंने चंद्र प्रकाश और सुजीत प्रताप सिंह से संपर्क किया। दोनों जल्द भुगतान का भरोसा देते रहे, लेकिन कई महीने गुजरने के बाद भी किराया नहीं मिला। लगातार टालमटोल होने पर उन्होंने हंडिया की साइट पर जाकर पड़ताल की। वहां उनकी फर्म का सामान नहीं मिला। जानकारी करने पर पता चला कि किराये पर लिया गया सामान किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया है। अनूप की शिकायत पर पुलिस ने चंद्र प्रकाश और सुजीत प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर स्वरूप नगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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