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कानपुर अग्निकांड: लो अब! पीड़ित परिवार ने पंचायत भवन में बांधे मवेशी, प्रशासन और पुलिस बैक फुट पर

Fri, 17 Feb 2023 06:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 17 Feb 2023 06:24 AM IST
सार

चालहा गांव में हुई घटना के बाद से जिला प्रशासन व पुलिस बैक फुट पर है। इधर, पीड़ित परिवार ने अपने मवेशी मड़ौली पंचायत घर में बांध दिए हैं, लेकिन कोई एतराज नहीं कर रहा है।

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Kanpur fire tragedy, Victim family tied cattle in panchayat building, administration and police on back foot
Mother-daughter burnt alive - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात के चालहा गांव में हुई घटना के बाद से जिला प्रशासन व पुलिस बैक फुट पर है। इधर, पीड़ित परिवार ने अपने मवेशी मड़ौली पंचायत घर में बांध दिए हैं, लेकिन कोई एतराज नहीं कर रहा है। चालहा गांव में जिस सरकारी जमीन पर कृष्ण गोपाल ने झोपड़ी बना रखी थी।

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वहीं पर वह अपने मवेशी भी बांधता था। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने उसका कब्जा हटा दिया था। यहां हैंडपंप भी तोड़ दिया गया था। इसके बाद से पीड़ित परिवार मवेशियों को बांधने की जगह तलाश रहा था। गुरुवार को परिवार ने अपने मवेशी पंचायत घर में ही बांध दिए।
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परिजनों ने बताया कि मवेशियों को बांधने के लिए कोई जगह बची नहीं है। घटना स्थल पर जेसीबी से हैंडपंप आदि तोड़े जाने से मवेशियों के लिए पानी और चारे की समस्या आ रही है। इसके चलते पंचायत घर में मवेशियों को रखा गया है। परिजनों का दावा है कि आग में जलकर 22 बकरियों की भी मौत हो गई थी।

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मड़ौली गांव में बनी अस्थायी पुलिस चौकी
मड़ौली ग्राम पंचायत के चालहा गांव में मां-बेटी की मौत के बाद से तनाव की स्थिति है। इसके मद्देनजर मड़ौली गांव में अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। मृतका प्रमिला के दोनों बेटों की सुरक्षा में एक-एक गनर तैनात किया गया है। घटनास्थल और पीड़ित परिवार के आसपास पुलिस और पीएसी का पहरा लगाया गया है।

परिजनों ने की थी सुरक्षा की मांग
एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि चालहा गांव में प्रमिला और उसकी बेटी नेहा की मौत के बाद परिजनों ने हत्यारोपियों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इसलिए दोनों बेटों शिवम और अंश को सुरक्षा के लिहाज से एक-एक शस्त्र गनर दिया गया है।

गांव में तैनात है पीएसी और कई थानों का फोर्स
मड़ौली गांव में अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। दरोगा अनूप पांडेय को चौकी प्रभारी बनाकर छह सिपाहियों की तैनाती की गई है। अग्रिम आदेशों तक चौकी का संचालन मड़ौली पंचायत भवन से होगा। घटनास्थल चाहला गांव और मड़ौली में पीड़ित परिवार के घर के आसपास छह प्लाटून पीएसी और कई थानों का फोर्स तैनात है।

परिजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ
बता दें कि गुरुवार को एसडीएम मैथा और बीडीओ अकबरपुर मड़ौली गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के साथ ही आवास, भूमि का पट्टा व पेंशन आदि का लाभ देने के लिए अर्जी और दस्तावेज लिए हैं। डीएम नेहा जैन के आदेश पर दोनों अधिकारियों ने प्रमिला के पति कृष्ण गोपाल, बेटों शिवम व अंश से बात की।

घटना पर दुख जताते हुए कहा कि आवास, जमीन का पट्टा और पेंशन आदि सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना है। इसके लिए अर्जी व दस्तावेज उन्हें चाहिए। पीड़ित परिवार से दस्तावेज लेने के बाद अफसरों ने सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

बकरियों के अवशेष तलाश रहा खुफिया विभाग
वहीं, चालहा गांव में मां बेटी के साथ 22 बकरियों की भी जलकर मौत होने की बात बेटे शिवम ने कही थी। अब खुफिया विभाग और पुलिस कर्मी झोपड़ी की राख में बकरियों के अवशेष तलाश कर रहे हैं।

सूत्रों की मानें को घटनास्थल पर जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को बकरियों के अवशेष नहीं मिले है। अब पुलिस और खुफिया विभाग के कर्मचारी गुपचुप तरीके से झोपड़ी की राख को इधर-उधर करके अवशेष ढूंढ रहे हैं, ताकि साफ हो सके कि आग से जलकर इतनी संख्या में बकरियों की मौत हुई है या नहीं। 

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