फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Farmer Suicide, Priyaranjans petition resolved, relief from arrest for the time being

Farmer Suicide: प्रियरंजन की याचिका निस्तारित, फिलहाल गिरफ्तारी से राहत, कोर्ट से दोबारा जारी कराना होगा वारंट

Wed, 13 Dec 2023 11:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 13 Dec 2023 11:50 AM IST
सार

Kanpur Crime: प्रियरंजन की ओर से अधिवक्ता ने जांच में पूरा सहयोग करने, घटना के बाद भी लगातार पुलिस के संपर्क में रहने, एसीपी कार्यालय जाने आदि बातें हाईकोर्ट में रखीं। इतनी जल्दबाजी में पुलिस द्वारा प्रियरंजन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराने को गैरकानूनी बताकर गिरफ्तारी वारंट खारिज करने की मांग की।

विज्ञापन
Kanpur Farmer Suicide, Priyaranjans petition resolved, relief from arrest for the time being
पूर्व भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में किसान बाबू सिंह खुदकुशी मामले में आरोपी पूर्व भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर की लगभग एक माह से लंबित याचिका का हाईकोर्ट ने निस्तारण कर दिया है। फिलहाल पुलिस प्रियरंजन को गिरफ्तार नहीं कर सकती। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दोबारा सीएमएम कोर्ट से वारंट जारी कराना होगा।

विज्ञापन

चकेरी निवासी किसान बाबू सिंह ने नौ सितंबर 2023 की सुबह रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। बाबू ने मरने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था। बाबू की पत्नी ने चकेरी थाने में डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर, बब्लू यादव, राहुल जैन, मधुर पांडे, शिवम सिंह चौहान, जितेंद्र यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

आरोप है कि पति की लगभग सात करोड़ रुपये कीमत की साढ़े छह बीघा जमीन को इन लोगों ने धोखे से रजिस्ट्री करवा ली, लेकिन रुपया नहीं दिया। इससे परेशान होकर बाबू ने खुदकुशी कर ली। मामले में राहुल जैन और मधुर पांडे को जेल भेजा गया था, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

वारंट के खिलाफ दाखिल की थी याचिका
राहुल जैन को पिछले दिनों हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, आरोपी जितेंद्र यादव को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने प्रियरंजन के खिलाफ सीएमएम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट व कुर्की की आदेशिका का आदेश जारी कराया था। प्रियंरजन ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगाई थी
इसमें पहले हाईकोर्ट ने एक दिन के लिए पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगाई थी। इसके बाद अंतरिम आदेश की अवधि 28 नवंबर, फिर पांच दिसंबर और बाद में 12 दिसंबर तक बढ़ा दी थी। इसी बीच प्रियरंजन ने सीएमएम कोर्ट पहुंचकर हाईकोर्ट का आदेश दाखिल कर दिया था।

हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई
इससे प्रियरंजन के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट की कार्रवाई पर रोक लग गई थी। मंगलवार को हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। प्रियरंजन की ओर से अधिवक्ता ने जांच में पूरा सहयोग करने, घटना के बाद भी लगातार पुलिस के संपर्क में रहने, एसीपी कार्यालय जाने आदि बातें हाईकोर्ट में रखीं।

गिरफ्तारी वारंट खारिज करने की मांग की
इतनी जल्दबाजी में पुलिस द्वारा प्रियरंजन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराने को गैरकानूनी बताकर गिरफ्तारी वारंट खारिज करने की मांग की। वहीं अभियोजन की ओर से प्रियरंजन द्वारा झूठा शपथपत्र देने, पुलिस जांच में सहयोग न करने की बात कही गई।

हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया
प्रियरंजन के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से वारंट की वर्तमान स्थिति पूछी तो बताया गया कि वर्तमान में प्रियरंजन के खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed