Kanpur: दिव्यांश हत्याकांड में आक्रोश, परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, बुलडोजर और मुआवजे की मांग
Kanpur News: कानपुर में दिव्यांश के परिजनों ने अंतिम संस्कार रोककर आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और मुआवजे की मांग की है। विपक्ष ने भी सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि गांव में तनाव को देखते हुए भारी फोर्स तैनात है।
विस्तार
कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव में बच्चे की लखनऊ स्थित गुरुकुल में हत्या के बाद शव को गांव के बाहर आरोपी फेंक कर भाग गए थे। इस पर पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया और रात करीब 11 बजे शव गांव पहुंचा, तो हड़कंप मच गया। गुरुवार सुबह से ही पीड़ित के घर ग्रामीणों का तांता लग गया मौके पर पुलिस बल भी मौजूद है।
उधर, परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कराने से मना कर दिया। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और इसमें जो लोग शामिल है किसी एक को भी बख्शा न जाए। इसके साथ ही परिवार की माली हालत को देखते हुए बेटी की नौकरी और विवाह का प्रबंध कराया जाए। पीड़ित वृद्ध पिता के रहने के लिए आवास की व्यवस्था कराई जाए।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला पीड़ित के घर पहुंचे और उनको ढांढ़स बंधाया। सरकार पर बरसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बाबा का बुलडोजर पंचर खड़ा है। उत्तर प्रदेश अब अपराधों का शहर बन चुका है। संदीप शुक्ला ने मांग करते हुए कहा कि अबोध बालक की हत्या करने वालों को चिन्हित करते हुए उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
सतीश महाना बोले- ऐसा जघन्य कांड पहले कभी नहीं देखा
गौरिया गांव पहुंचे विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और कहा कि आरोपियों ने जघन्य तरीके से बच्चे की हत्या की है। इस तरह का केस आज तक मैंने नहीं देखा है। जिस तरह से बच्चे की हत्या की गई, उसी तरह आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति देखते हुए उपजिलाधिकारी नरवल को निर्देशित करते हुए कहा कि आवास से लेकर राजस्व से जिस तरह की भी मदद की जा सकती है। पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाई जाए।