दिल्ली धमाका: कानपुर के 43 संदिग्धों पर पुलिस की नजर, रोहिंग्या होने की आशंका…बांग्ला के साथ बोलते हैं उर्दू
Kanpur News: कमिश्नरी पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक यह संदिग्ध अभी किसी तरह के अपराध में संलिप्त नहीं मिले हैं। यह सामान्य तरीके से रह रहे हैं। इनकी डिटेल हासिल की जा रही है। अगर सही जानकारी नहीं मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली विस्फोट में डॉ. शाहीन, डॉ. आरिफ और डॉ. परवेज का कानपुर कनेक्शन मिलने के बाद निगहबानी जारी है। शहर में रह रहे 43 संदिग्धों की जांच तेज हो गई है। उनके रोहिंग्या या दूसरे देशों के होने की आशंका है। पुलिस, एलआईयू और खुफिया उन पर घटना के बाद से नजर रखे हुए है। उनके बारे में जानकारी के लिए पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड की पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है।
फरीदाबाद में विस्फोटक मिलने और दिल्ली में लाल किला के नजदीक विस्फोट होने के बाद एनआईयू, एटीएस, आईबी समेत अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। यह कानपुर समेत अन्य शहरों की जांच में जुट गई हैं। एजेंसियों के इनपुट में पुलिस, एलआईयू और लोकल खुफिया डॉ. शाहीन, डॉ. आरिफ और डॉ. परवेज के मददगारों या उनके संपर्क में आए लोगों की पड़ताल कर रही है।
केवल 43 की जानकारी नहीं मिल पाई
थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। रायपुरवा, चमनगंज, घंटाघर, कल्याणपुर, बाबूपुरवा, कैंट, पनकी क्षेत्र में लगभग एक हजार संदिग्ध लोगों की जानकारी हुई। यह बांग्ला भाषा के साथ उर्दू भी बोलते हैं। पिछले कुछ दिनों इनकी जांच और सत्यापन हुआ जिसमें से 95 फीसदी सही मिले। केवल 43 की जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके संबंध में पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड की पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है।