{"_id":"644ecbd1c30a0a774a07ee34","slug":"kanpur-dehat-wheat-crop-gets-wet-waterlogging-in-the-city-concern-of-farmers-increased-due-to-fear-of-crop-damage-kanpur-news-c-12-1-208926-2023-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: गेहूं की फसल भीगी, नगर में जलभराव, फसल खराब होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: गेहूं की फसल भीगी, नगर में जलभराव, फसल खराब होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ी
विज्ञापन
कानपुर देहात। बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। एक दिन के अंतराल पर रविवार को फिर से मौसम बेरूखा हो गया। सुबह से ही शुरू हुई बारिश से गेहूं की कटाई और थ्रेसरिंग का काम रुक गया। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। किसानों का कहना है कि भीगे गट्ठरों का अनाज खराब हो जाएगा।
मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को आंधी व बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके चलते शनिवार की रात भर बादल छाए रहे। सुबह मौसम का मिजाज बदला और बारिश शुरू हो गई।
अकबरपुर, रूरा, सिठमरा, तिगाई, मुक्तापुर व डेरापुर, राजपुर, सिकंदरा आदि क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश हुई। नगरीय क्षेत्र में कई जगह जलभराव हो गया। बेमौसम बारिश की वजह से खेतीबाड़ी का काम रुक गया है। मूंग व उड़द की फसल की सिंचाई अब नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
इससे फायदा हुआ है लेकिन रबी की प्रमुख फसल गेहूं के गट्ठर भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें है। सुबह से बारिश शुरू हुई तो किसान खेतों में ही थे। थ्रेसरिंग का काम बंद हो गया। खेत में पड़े गेहूं के गट्ठर और भूसा भीग गया। आंधी से इसके उड़ने की आशंका बनी है।
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि तीन मई तक आसमान में मध्यम बादल छाए रहने के कारण हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज चमक और ओलावृष्टि की आशंका भी है। तेज हवाएं भी चलेंगी।
विज्ञापन
मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को आंधी व बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके चलते शनिवार की रात भर बादल छाए रहे। सुबह मौसम का मिजाज बदला और बारिश शुरू हो गई।
विज्ञापन
अकबरपुर, रूरा, सिठमरा, तिगाई, मुक्तापुर व डेरापुर, राजपुर, सिकंदरा आदि क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश हुई। नगरीय क्षेत्र में कई जगह जलभराव हो गया। बेमौसम बारिश की वजह से खेतीबाड़ी का काम रुक गया है। मूंग व उड़द की फसल की सिंचाई अब नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
इससे फायदा हुआ है लेकिन रबी की प्रमुख फसल गेहूं के गट्ठर भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें है। सुबह से बारिश शुरू हुई तो किसान खेतों में ही थे। थ्रेसरिंग का काम बंद हो गया। खेत में पड़े गेहूं के गट्ठर और भूसा भीग गया। आंधी से इसके उड़ने की आशंका बनी है।
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि तीन मई तक आसमान में मध्यम बादल छाए रहने के कारण हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज चमक और ओलावृष्टि की आशंका भी है। तेज हवाएं भी चलेंगी।