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कानपुर देहात : नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आठ साल कैद, एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया
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कानपुर देहात। चौबेपुर के एक गांव निवासी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दोषी को आठ साल की कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह राशि पीड़िता को दी जाएगी।
चौबेपुर क्षेत्र के एक गांव में तीन मई 2009 को दस वर्षीय बालिका के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। इसमें चौबेपुर गोपालपुर के रामलखन व उमाशंकर को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। तीसरे आरोपी शिवराजपुर के शाहपुर मलाहा गांव के नीरज को शुक्रवार को सजा सुनाई गई।
नाबालिग के पिता ने घटना के बाद दी तहरीर में बताया था कि बेटी गांव में बरात देखने के लिए दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान तीनों युवक उसे उठा ले गए और दुष्कर्म किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की कोर्ट में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने तीसरे आरोपी को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आठ साल की कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा व विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता व गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने युवक को दोषी पाया। अर्थदंड की राशि पीड़िता को दी जाएगी। अगर अभियुक्त अर्थदंड अदा नहीं करता है तो उसे दो साल का कठोर कारावास काटना होगा।
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चौबेपुर क्षेत्र के एक गांव में तीन मई 2009 को दस वर्षीय बालिका के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। इसमें चौबेपुर गोपालपुर के रामलखन व उमाशंकर को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। तीसरे आरोपी शिवराजपुर के शाहपुर मलाहा गांव के नीरज को शुक्रवार को सजा सुनाई गई।
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नाबालिग के पिता ने घटना के बाद दी तहरीर में बताया था कि बेटी गांव में बरात देखने के लिए दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान तीनों युवक उसे उठा ले गए और दुष्कर्म किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अभिषेक कुमार चतुर्वेदी की कोर्ट में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने तीसरे आरोपी को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आठ साल की कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा व विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता व गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने युवक को दोषी पाया। अर्थदंड की राशि पीड़िता को दी जाएगी। अगर अभियुक्त अर्थदंड अदा नहीं करता है तो उसे दो साल का कठोर कारावास काटना होगा।