{"_id":"62153c4e22d99457cc23ea7e","slug":"kanpur-dehat-a-bottle-of-glucose-was-handed-over-to-the-patient-in-the-district-hospital-and-sent-to-the-emergency-ward-akbarpur-news-knp682052218","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर देहात : जिला अस्पताल में मरीज को ग्लूकोज की बोतल थमा भेज दिया इमरजेंसी वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर देहात : जिला अस्पताल में मरीज को ग्लूकोज की बोतल थमा भेज दिया इमरजेंसी वार्ड
विज्ञापन
जिला अस्पताल में हाथ में बोतल पकड़कर मरीज को वार्ड ले जाता तीमारदार। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में तीमारदारों के हंगामे के दौरान मानवीय संवेदनाएं तार-तार होते दिखाई पड़ी। परिजनों के विरोध के दौरान इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक को छोड़ स्वास्थ्य कर्मी लापता हो गए। इस बीच चिकित्सक मरीजों व तीमारदारों को खुद ही इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने के लिए कहते रहे।
डेरापुर के सनिहापुर निवासी चेतराम की पत्नी राजेश्वरी (70) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर राजेश्वरी अपने वाहन चालक प्रेमचंद्र के साथ जिला अस्पताल पहुंचीं। वहां डॉक्टर ने देखकर उनके हाथ में वीगो लगाकर ग्लूकोज की बोतल थमा दी।
इसके बाद प्रेमचंद्र के साथ राजेश्वरी को इमरजेंसी वार्ड जाने के लिए कह दिया। इस दौरान मरीज को न तो व्हील चेयर दी गई और न ही स्ट्रेचर। वहीं इमरजेंसी वार्ड में बवाल के वक्त चार मरीज भर्ती थे।
विज्ञापन
इसमें थानपुर खरंजा के विपिन कुमार, शिवली के विशाल, डेरापुर मवईमुक्ता की आशा देवी और बारा निवासी आमना भर्ती थी। विशाल की मां सरला ने बताया कि सोमवार को भर्ती होने के बाद से डॉक्टर उन्हें देखते तक नहीं आए।
विज्ञापन
डेरापुर के सनिहापुर निवासी चेतराम की पत्नी राजेश्वरी (70) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर राजेश्वरी अपने वाहन चालक प्रेमचंद्र के साथ जिला अस्पताल पहुंचीं। वहां डॉक्टर ने देखकर उनके हाथ में वीगो लगाकर ग्लूकोज की बोतल थमा दी।
विज्ञापन
इसके बाद प्रेमचंद्र के साथ राजेश्वरी को इमरजेंसी वार्ड जाने के लिए कह दिया। इस दौरान मरीज को न तो व्हील चेयर दी गई और न ही स्ट्रेचर। वहीं इमरजेंसी वार्ड में बवाल के वक्त चार मरीज भर्ती थे।
विज्ञापन
इसमें थानपुर खरंजा के विपिन कुमार, शिवली के विशाल, डेरापुर मवईमुक्ता की आशा देवी और बारा निवासी आमना भर्ती थी। विशाल की मां सरला ने बताया कि सोमवार को भर्ती होने के बाद से डॉक्टर उन्हें देखते तक नहीं आए।