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ग्राउंड रिपोर्ट: उप स्वास्थ्य केंद्र ही बीमार, कोरोना से खाक लड़ेंगे, बिल्हौर में चिकित्सा सुविधा खस्ताहाल

Wed, 19 May 2021 01:29 PM IST
शिखा पांडेय राहुल त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर
राहुल त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 19 May 2021 01:29 PM IST
सार

बिल्हौर में तहसील क्षेत्र के 119 उप स्वास्थ्य केंद्रों में ज्यादातर खस्ताहाल हैं। यहीं नहीं यहां स्टाफ सिर्फ कागजों में है। उप स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती।

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kanpur coronavirus cases covid 19 pandemic, poor medical facility in Bilhaur
बिल्हौर में खस्ताहाल है चिकित्सा सुविधा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार जहां ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करते नहीं थकती वहीं तहसील के 215 ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत बने 119 उप स्वास्थ्य केंद्रों से आजतक किसी भी ग्रामीण को इलाज ही नहीं मिला। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर अराजकतत्वों, नशेड़ियों, छुट्टा पशुओं के अड्डे बन गए हैं। वहीं चिकित्सा विभाग द्वारा इन उप स्वास्थ्य केंद्रों में कई बार सरकारी हजारों रुपये खर्च कर कुर्सी, मेज और अन्य चिकित्सकीय उपकरण भी रखवाए गए, लेकिन वह भी कुछ केंद्र से गायब हो गए।
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बिकरू गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र, लेकिन दवा नहीं
कुख्यात विकास दुबे के कारण चर्चा में आए शिवराजपुर ब्लाक के बिकरू गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र भी तहसील के अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों की तरह खस्ताहाल है। नतीजतन बिकरू, भीटी गांव के ग्रामीण शिवली स्थित निजी क्लीनिकों या फिर बैरी रोड स्थित अस्पताल में दवा लेने जाते हैं। ग्राम पंचायत और गांव की एएनएम के खाते में कई मदों में प्रत्येक वर्ष धन तो आया, लेकिन खर्च कागजों पर कर मरीजों को उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया।
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स्वास्थ्य केंद्र के दरवाजे-खिड़की और चहारदीवारी तोड़ी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मात्र चार किमी दूर स्थित खजुरी गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र भी ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी ही साबित हुआ है, आज तक कोई भी डॉक्टर, फार्मासिस्ट या फिर चिकित्सा कैंप तक यहां नहीं लगा है, नतीजतन बीमार मरीजों के इलाज के लिए इसके आसपास ही बड़ी संख्या में निजी प्रैक्ट्रिस करने वाले लोग सक्रिय हो गए। यही हाल सीएचसी बिल्हौर के ठीक पीछे स्थित बीबीपुर उप स्वास्थ्य केंद्र का है, ये भी खस्ताहाल है।
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कुटरा गांव के उपकेंद्र में भरा भूसा और कंडा
क्षेत्र के शाहमपुर कोट कुटरा गांव के बाहर ही कई लाख रुपये का उप स्वास्थ्य केंद्र और इतनी ही कीमत से आवागमन के लिए पक्का रास्ता व पेयजल की व्यवस्था अस्पताल के लिए की गई है, लेकिन ग्रामीणों की मानें तो कभी भी यहां कोई नहीं आया, नतीजतन स्थानीय ग्रामीणों ने उक्त अस्पताल में गोबर के कंडे, चूल्हे का ईंधन, पशुओं का चारा आदि भर दिया है। यहीं हाल मकनपुर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का है जहां कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कब्जे में लेकर उसमें कुछ बाहरी लोगों को बसा दिया है। इसी तरह बकोठी, ददिखा, मल्लापुर, हसौली, बैड़ी आदि गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्रों का है।

गढ़ेवा गांव के अस्पताल में उग आए बबूल
ककवन ब्लाक के गढ़ेवा गांव निवासी कौशल तिवारी ने बताया कि उनके गांव में करीब 10 साल पहले सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्र बनवाया था, लेकिन आज तक यहां से मरीजों को दवा की एक टैबलेट तक नहीं मिलीं, हां परेशानी जरूर मिली है। नशेड़ी, शराबी, अराजकतत्व इसमें जाकर बुरी हरकतें कर दोपहर और रात में ग्रामीणों को परेशान अलग करते हैं। कई बार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से इस केंद्र की साफ-सफाई के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन इसके बाद भी कोई नहीं आया, नतीजतन अस्पताल के अंदर बड़े-बड़े बबूूल के पेड़ उग आए हैं। यहीं हाल ब्लाक के उठ्ठा, वछना, सिहुरा दाराशिकोह आदि गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्रों का है।

ब्लाक    उप स्वास्थ्य केंद्र    पीएचसी     एएनएम    सीएचसी    एक्स-रे-मशीन व अल्ट्रासाउंड
बिल्हौर    40     5    38    1     नहीं
शिवराजपुर    35     4    27     1    नहीं  
चौबेपुर    31    3    25    1    नहीं
ककवन     13     2    18    1    नहीं
तहसील    119    14    108     4    0
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