कानपुर: जिले में शीत लहर का कहर जारी, सबसे ज्यादा आफत हृदय व सांस रोगियों की, पांच मरीजों की मौत
फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। फ्लू रोगियों की एक्सरे जांच में निमोनिया आ रहा है। इसके साथ ही ठंड लगने के कारण विंटर डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगियों को भर्ती किया गया है। कई सांस रोगी आक्सीजन सपोर्ट पर हैं।
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जिले में शीत लहर का कहर जारी है। ठंड की वजह से पुराने रोगियों की तबीयत बिगड़ रही है। सबसे ज्यादा आफत हृदय, दमा, अस्थमा, सांस रोग और नसों के रोगियों पर है। जरा सी लापरवाही में दमा और अस्थमा रोगियों को अटैक पड़ जा रहा है। तीन हृदय रोगियों की मौत हो गई। इसके साथ ही एक रोगी की निमोनिया और एक रोगी की दमा से मौत हुई है।
फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। फ्लू रोगियों की एक्सरे जांच में निमोनिया आ रहा है। इसके साथ ही ठंड लगने के कारण विंटर डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगियों को भर्ती किया गया है। कई सांस रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।
तीनों हृदय रोगियों की मौत शुक्रवार रात में हुई
शुक्रवार देर रात कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में तीन हृदय रोगियों की मौत हो गई। इन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके अलावा इमरजेंसी में सौ से अधिक लोगों ने जांच कराई। इनमें गंभीर हालत में आए रोगियों को भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा काकादेव निवासी दमा रोगी अशोक (55) की शनिवार तड़के मौत हो गई। उन्हें सांस में अचानक तकलीफ बढ़ गई थी।
इसके अलावा जाजमऊ के रोगी असलम (54) की निमोनिया से मौत हुई है। परिजन उसे पहले उर्सला और फिर हैलट लेकर आए, लेकिन रोगी ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। कार्डियोलॉजी निदेशक डॉ. विनय कृष्णा ने बताया कि सांस की दिक्कत होने पर रोगी आ रहे हैं। हार्ट की जांच के बाद रोगियों को हैलट रेफर कर दिया जाता है।