{"_id":"58261fe34f1c1ba16fb3a9c3","slug":"kanpur-cold-tamprature-below-11-degrees","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड के आगोश में कानपुर, 11 डिग्री से नीचे गिरा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड के आगोश में कानपुर, 11 डिग्री से नीचे गिरा पारा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 12 Nov 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हवाओं के दिशा बदलने और वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से कानपुर में शुक्रवार को मौसम का मिजाज और सर्द हो गया। नीचे का पारा लुढ़ककर 10.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो कि सामान्य से 2.8 डिग्री कम है। यह इस मौसम का सबसे कम तापमान रहा। गुरुवार को यह पारा 12 डिग्री सेल्सियस पर था। पिछले कई सालों में न्यूनतम पारा इन दिनों इतना नीचे नहीं गया।
उत्तर-पश्चिम की जगह शुक्रवार को दक्षिण से हवाएं चलने लगीं। इसका असर वातावरण पर पड़ा और पारा धड़ाम हो गया। अधिकतम पारा 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। वातावरण में सुबह की नमी 93 फीसदी और दोपहर की नमी 44 फीसदी रही है। नमी ही सर्दी बढ़ाती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि अब रात को कोहरा होने लगेगा। सुबह भी धुंध रहेगी। शनिवार को पारा और नीचे जा सकता है। हवाओं का रुख फिर बदलेगा। दक्षिण की जगह उत्तर-पश्चिम की हवाएं चलेंगी। ये हवाएं उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आती हैं। यही हवाएंमैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ती हैं। ऐसे ही हालात रहे तो नवंबर के अंतिम सप्ताह तक कड़ाके की सर्दी पड़ने लगेगी।
विज्ञापन
उत्तर-पश्चिम की जगह शुक्रवार को दक्षिण से हवाएं चलने लगीं। इसका असर वातावरण पर पड़ा और पारा धड़ाम हो गया। अधिकतम पारा 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। वातावरण में सुबह की नमी 93 फीसदी और दोपहर की नमी 44 फीसदी रही है। नमी ही सर्दी बढ़ाती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि अब रात को कोहरा होने लगेगा। सुबह भी धुंध रहेगी। शनिवार को पारा और नीचे जा सकता है। हवाओं का रुख फिर बदलेगा। दक्षिण की जगह उत्तर-पश्चिम की हवाएं चलेंगी। ये हवाएं उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आती हैं। यही हवाएंमैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ती हैं। ऐसे ही हालात रहे तो नवंबर के अंतिम सप्ताह तक कड़ाके की सर्दी पड़ने लगेगी।
विज्ञापन