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चकबंदी योजना बंद करने पर ग्रामीण भड़के, प्रदर्शन किया
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बिल्हौर। रहीमपुर विषधन और उसके आसपास इलाकों में राजस्व और चकबंदी विभाग के अफसरों द्वारा किसानों की मर्जी के बगैर चकबंदी योजना बंद किए जाने पर ग्रामीणों ने गुरुवार को आईमा नहर पुल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान लखनऊ-इटावा राजमार्ग बायां मकनपुर को जाम कर दिया गया। मौके पर पहुंचे बिल्हौर तहसीलदार ने किसानों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और आवागमन बहाल कराया। तहसीलदार ने किसानों को भरोसा दिया कि चकबंदी योजना उनके यहां लागू रहेगी। 40 मिनट तक यातायात बाधित रहा।
गुरुवार को सूरज सिंह राजपूत, संतराम, भगवानदीन, अमन, भोपाली, सुनील, बाबूलाल, कौशल किशोर, अमरेश आदि किसानों ने आरोप लगाया कि 15 दिसंबर को लेखपाल द्वारा बिना किसानों की सहमति से ही क्षेत्र के आईमा, बिलारीपुर, प्रसादपुरवा, मुनोहरपुर, मैदों, रहीमपुर विषधन आदि गांवों में चकबंदी न कराने का सहमत पत्र बनाकर आलाधिकारियों को भेज दिया था। जबकि क्षेत्रीय किसान चकबंदी कराने के लिए कई वर्षों से राजस्व अधिकारियों से मांग करते आ रहे हैं। इसी मामले को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को निचली गंगा नहर के आईमा नहर पुल पर एकत्र होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ही कुछ किसानों ने उप जिलाधिकारी बिल्हौर को मौके पर आकर समस्या का निदान करने की मांग की। आरोप है कि एसडीएम द्वारा जिला स्तरीय बैठक में होने की बात पर कुछ ग्रामीण रोषित हो गए और लखनऊ-इटावा राजमार्ग बाया मकनपुर पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। मामले की जानकारी पर तहसीलदार बिल्हौर अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
तहसीलदार ने किसानों को भरोसा दिया कि यदि ग्रामीण चकबंदी योजना के पक्ष में हैं तो उनके खेतों की चकबंदी अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। लेखपाल कमलेश द्वारा यदि मनमानी से उक्त योजना का समर्थन पत्र तैयार किया है तो जांच कर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार के आश्वासन पर सभी गांव को लौट गए। तहसीलदार ने बताया कि इस दौरान करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।
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गुरुवार को सूरज सिंह राजपूत, संतराम, भगवानदीन, अमन, भोपाली, सुनील, बाबूलाल, कौशल किशोर, अमरेश आदि किसानों ने आरोप लगाया कि 15 दिसंबर को लेखपाल द्वारा बिना किसानों की सहमति से ही क्षेत्र के आईमा, बिलारीपुर, प्रसादपुरवा, मुनोहरपुर, मैदों, रहीमपुर विषधन आदि गांवों में चकबंदी न कराने का सहमत पत्र बनाकर आलाधिकारियों को भेज दिया था। जबकि क्षेत्रीय किसान चकबंदी कराने के लिए कई वर्षों से राजस्व अधिकारियों से मांग करते आ रहे हैं। इसी मामले को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को निचली गंगा नहर के आईमा नहर पुल पर एकत्र होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ही कुछ किसानों ने उप जिलाधिकारी बिल्हौर को मौके पर आकर समस्या का निदान करने की मांग की। आरोप है कि एसडीएम द्वारा जिला स्तरीय बैठक में होने की बात पर कुछ ग्रामीण रोषित हो गए और लखनऊ-इटावा राजमार्ग बाया मकनपुर पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। मामले की जानकारी पर तहसीलदार बिल्हौर अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
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तहसीलदार ने किसानों को भरोसा दिया कि यदि ग्रामीण चकबंदी योजना के पक्ष में हैं तो उनके खेतों की चकबंदी अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। लेखपाल कमलेश द्वारा यदि मनमानी से उक्त योजना का समर्थन पत्र तैयार किया है तो जांच कर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार के आश्वासन पर सभी गांव को लौट गए। तहसीलदार ने बताया कि इस दौरान करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।
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