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Kanpur: परीक्षा में बैक आने पर मेडिकल के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, हॉस्टल में लटका मिला शव
Sat, 03 Jan 2026 05:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 03 Jan 2026 05:43 PM IST
सार
छात्र रामा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बीएमएस की पढ़ाई कर रहा था। बिठूर स्थित निजी हॉस्टल में शव फंदे से लटका मिला।
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छात्र शैलेन्द्र कुमार गुप्ता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिठूर थाना क्षेत्र के रामा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बीएमएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र मूलरूप से चित्रकूट कर्वी निवासी शैलेंद्र कुमार गुप्ता (27) का शव शनिवार सुबह मंधना स्थित निजी हॉस्टल के कमरे में लटका मिला। घटना के वक्त कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। परिजनों और साथी छात्रों के अनुसार शैलेंद्र की सेमेस्टर परीक्षा में तीन विषयों में बैक आ गई थी। इसे लेकर वह मानसिक तनाव में था जिसके चलते उसने खुदकुशी की। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच कर छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के रिटायर्ड शिक्षक पिता ब्रजकिशोर गुप्ता ने पुलिस को बताया उनका बड़ा बेटा लालेंद्र, छोटा योगेंद्र और मझला शैलेंद्र था। पत्नी गीता की 18 साल पहले मौत हो चुकी है। शैलेंद्र रामा इंस्टीट्यूट से वर्ष 2021 से बीएमएस की पढ़ाई कर रहा था। बीते साल 20 जनवरी से उसकी सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू थीं लेकिन वह 11 जनवरी को किसी को बिना कुछ बताए हॉस्टल से चला गया। काफी तलाशने के बाद वह चार महीने बाद मई में दिल्ली में मिला था। इस वजह की उसकी पूरे सेमेस्टर में बैक आ गई थी।
दोबारा समझाबुझाकर उसे कॉलेज भेजा तो वह सेकेंड सेमेस्टर में पास हो गया। साथ पढ़ने वाले छात्रों ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि आठ सितंबर से तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू हुई थींं। नवंबर में परिणाम आए तो उसकी अगदतंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान में बैक लग गई थी। इसके बाद से वह परेशान चल रहा था। अप्रैल में शैलेंद्र ने कॉलेज का हॉस्टल छोड़कर मंधना के बगदौधी बांगर में स्थित शिवबरन पाल के निजी हॉस्टल में रहने लगा था।
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शनिवार सुबह उसका कमरा खुला पड़ा था और शव नायल़ॉन की रस्सी से लटक रहा था। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार, बिठूर इंस्पेक्टर प्रेम नारायण विश्वकर्मा फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की। उन्होंने छात्र के मानसिक तनाव में खुदकुशी की बात कही है।
छत पर सुबह टहलता दिखा था छात्र
हॉस्टल में ही किराये पर रहने वाले छात्र रितिक सिंह ने शैलेंद्र को हॉस्टल की छत पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे टहलते हुए देखा। इसके बाद करीब 10:30 बजे शैलेंद्र के कमरे के पास रहने वाले आदेश चौधरी ने शैलेंद्र के कमरे का दरवाजा खुला देखा। उसका शव फंदे से लटकता देखा। उसी हॉस्टल में रहने वाले एनएचएआई कर्मी आशीष यादव ने 112 पर सूचना दी। साथी छात्रों के अनुसार शैलेंद्र किसी से भी बहुत कम बात करता था।
पिता ने कराया था मोबाइल रिचार्ज
शैलेंद्र के मोबाइल नंबर का रिचार्ज खत्म हो गया। इस पर उसने शुक्रवार शाम एनएचएआई कर्मी आशीष यादव के मोबाइल से अपने पिता ब्रजकिशोर से बात करके मोबाइल रिचार्ज करवाया था। कमरे के किराये और अन्य खर्चों के लिए भी रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा था। इस पर उसके पिता ने शनिवार को उसके खाते में रुपये ट्रांसफार्मर कराने की बात कही थी।
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मृतक के रिटायर्ड शिक्षक पिता ब्रजकिशोर गुप्ता ने पुलिस को बताया उनका बड़ा बेटा लालेंद्र, छोटा योगेंद्र और मझला शैलेंद्र था। पत्नी गीता की 18 साल पहले मौत हो चुकी है। शैलेंद्र रामा इंस्टीट्यूट से वर्ष 2021 से बीएमएस की पढ़ाई कर रहा था। बीते साल 20 जनवरी से उसकी सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू थीं लेकिन वह 11 जनवरी को किसी को बिना कुछ बताए हॉस्टल से चला गया। काफी तलाशने के बाद वह चार महीने बाद मई में दिल्ली में मिला था। इस वजह की उसकी पूरे सेमेस्टर में बैक आ गई थी।
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दोबारा समझाबुझाकर उसे कॉलेज भेजा तो वह सेकेंड सेमेस्टर में पास हो गया। साथ पढ़ने वाले छात्रों ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि आठ सितंबर से तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू हुई थींं। नवंबर में परिणाम आए तो उसकी अगदतंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान में बैक लग गई थी। इसके बाद से वह परेशान चल रहा था। अप्रैल में शैलेंद्र ने कॉलेज का हॉस्टल छोड़कर मंधना के बगदौधी बांगर में स्थित शिवबरन पाल के निजी हॉस्टल में रहने लगा था।
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शनिवार सुबह उसका कमरा खुला पड़ा था और शव नायल़ॉन की रस्सी से लटक रहा था। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार, बिठूर इंस्पेक्टर प्रेम नारायण विश्वकर्मा फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की। उन्होंने छात्र के मानसिक तनाव में खुदकुशी की बात कही है।
छत पर सुबह टहलता दिखा था छात्र
हॉस्टल में ही किराये पर रहने वाले छात्र रितिक सिंह ने शैलेंद्र को हॉस्टल की छत पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे टहलते हुए देखा। इसके बाद करीब 10:30 बजे शैलेंद्र के कमरे के पास रहने वाले आदेश चौधरी ने शैलेंद्र के कमरे का दरवाजा खुला देखा। उसका शव फंदे से लटकता देखा। उसी हॉस्टल में रहने वाले एनएचएआई कर्मी आशीष यादव ने 112 पर सूचना दी। साथी छात्रों के अनुसार शैलेंद्र किसी से भी बहुत कम बात करता था।
पिता ने कराया था मोबाइल रिचार्ज
शैलेंद्र के मोबाइल नंबर का रिचार्ज खत्म हो गया। इस पर उसने शुक्रवार शाम एनएचएआई कर्मी आशीष यादव के मोबाइल से अपने पिता ब्रजकिशोर से बात करके मोबाइल रिचार्ज करवाया था। कमरे के किराये और अन्य खर्चों के लिए भी रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा था। इस पर उसके पिता ने शनिवार को उसके खाते में रुपये ट्रांसफार्मर कराने की बात कही थी।