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कानपुर: ब्लैक फंगस रोगी की आंख निकाली, दो रोगी डिस्चार्ज, आंख की सर्जरी के पहले रोगी की दूसरी आंख बच गई
Wed, 23 Jun 2021 01:50 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 23 Jun 2021 01:50 AM IST
सार
नेत्र रोग विभाग की टीम ने एक आंख की सर्जरी की है और दूसरी आंख में दवा डालकर बचाया जा रहा है। हैलट में ब्लैक फंगस के कारण आंख की पहली सर्जरी नेहरू नगर के युवक की हुई थी।
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कानपुर हैलट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर हैलट में भर्ती ब्लैक फंगस के रोगी की एक आंख की सर्जरी करनी पड़ी। उन्नाव के रहने वाले 70 वर्षीय रोगी को कोविड के बाद ब्लैक फंगस का संक्रमण हो गया था। आंख से संक्रमण मस्तिष्क में फैल रहा था।
इस पर नेत्र रोग विभाग की टीम ने एक आंख की सर्जरी की है और दूसरी आंख में दवा डालकर बचाया जा रहा है। हैलट में ब्लैक फंगस के कारण आंख की पहली सर्जरी नेहरू नगर के युवक की हुई थी। संक्रमण दूसरी आंख में भी रहा है लेकिन उसे बचा लिया गया।
मंगलवार को युवक को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इसी तरह ब्लैक फंगस की एक महिला रोगी की भी आंखों को इलाज से बचा लिया गया। रोगी को डिस्चार्ज किया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि ब्लैक फंगस के 40 रोगी इलाज करा रहे हैं।
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आंख निकले बच्चे का शोध आईजेएआर में
कानपुर करीब एक महीने पहले उन्नाव से आए बालरोगी जिसकी आंखें कैंसर के कारण निकल आई थीं, उस पर शोध इंडियन जर्नल ऑफ एप्लाइड रिसर्च ( आईजेएआर) में प्रकाशित हुआ है। जब यह बच्चा आया तो हैलट के नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर इसकी आंखें देखकर घबरा गए थे।
बाद में रोगी की जांच कराई गई तो कैंसर की पुष्टि हुई। रोगी को एसजीपीजीआई लखनऊ भेज दिया गया। उसे एक्यूट माइलाइड ल्यूकीमिया की पुष्टि हुई थी। नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि रोगी एसजीपीजीआई में इलाज चल रहा है।
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इस पर नेत्र रोग विभाग की टीम ने एक आंख की सर्जरी की है और दूसरी आंख में दवा डालकर बचाया जा रहा है। हैलट में ब्लैक फंगस के कारण आंख की पहली सर्जरी नेहरू नगर के युवक की हुई थी। संक्रमण दूसरी आंख में भी रहा है लेकिन उसे बचा लिया गया।
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मंगलवार को युवक को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इसी तरह ब्लैक फंगस की एक महिला रोगी की भी आंखों को इलाज से बचा लिया गया। रोगी को डिस्चार्ज किया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि ब्लैक फंगस के 40 रोगी इलाज करा रहे हैं।
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आंख निकले बच्चे का शोध आईजेएआर में
कानपुर करीब एक महीने पहले उन्नाव से आए बालरोगी जिसकी आंखें कैंसर के कारण निकल आई थीं, उस पर शोध इंडियन जर्नल ऑफ एप्लाइड रिसर्च ( आईजेएआर) में प्रकाशित हुआ है। जब यह बच्चा आया तो हैलट के नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर इसकी आंखें देखकर घबरा गए थे।
बाद में रोगी की जांच कराई गई तो कैंसर की पुष्टि हुई। रोगी को एसजीपीजीआई लखनऊ भेज दिया गया। उसे एक्यूट माइलाइड ल्यूकीमिया की पुष्टि हुई थी। नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि रोगी एसजीपीजीआई में इलाज चल रहा है।