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Kanpur: पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी दीनू की जमानत अर्जी खारिज, अभियोजन ने लगभग ढाई घंटे की बहस

Thu, 29 May 2025 05:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 29 May 2025 05:00 PM IST
सार

Kanpur News: हत्याकांड के कई साल बाद दीनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दीनू के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीनू के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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Kanpur Bail plea of Dinu accused in Pintu Sengar murder case rejected prosecution argued for about two hours
वकील दीनू उपाध्याय - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल भेजे गए आरोपी अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू की जमानत अर्जी फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के न्यायाधीश राहुल सिंह ने खारिज कर दी है। मंगलवार को बचाव पक्ष अपनी बहस कर चुका था। बुधवार को अभियोजन ने लगभग ढाई घंटे बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट में तर्क रखा कि दीनू के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं जो घटना के समय घटनास्थल पर दीनू की मौजूदगी साबित करते हैं। एक गवाह ने दीनू को षड्यंत्र रचते सुना है। एक गवाह ने घटनास्थल से कुछ दूर दीनू द्वारा समय पूछने की बात कही गई है। इससे साफ होता है कि दीनू अपना मोबाइल साथ नहीं लिए थे। दीनू की सीडीआर से उसके हत्यारों के संपर्क में रहने की बात साबित होती है।
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अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज
इसके अलावा दीनू द्वारा ही समझौते के लिए पिंटू को बुलाने के भी साक्ष्य हैं। दीनू के अधिवक्ता दिनेश शुक्ला ने तर्क रखा था कि मुकदमे में पहले रहे विवेचकों ने दीनू के खिलाफ कोई सबूत न पाते हुए उन्हें क्लीन चिट दी थी।  गवाहों के बयानों में भी कई विरोधाभास हैं। हत्याकांड के कई साल बाद दीनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दीनू के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीनू के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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