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कानपुर: 144 स्कूलों ने यूनिफॉर्म, स्वेटर के लिए नहीं कराई डाटा फीडिंग, होगी कार्रवाई
Wed, 17 Nov 2021 05:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 17 Nov 2021 05:01 PM IST
सार
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ पवन तिवारी का कहना है कि कई ऐसे स्कूल सामने आए हैं जिन्होंने अभी तक डाटा फीडिंग नहीं कराई है। पहले जांच की जा रही है कि कारण क्या है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते और मोजे दिलवाने में विद्यालय लापरवाही बरत रहे हैं। अभी तक 144 स्कूल ऐसे हैं जहां पर डीबीटी के तहत फीडिंग नहीं की गई है। स्कूलों का डाटा निकाला जा रहा है।
जहां शिक्षकों की लापरवाही से डाटा फीडिंग का काम नहीं हुआ है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिषदीय स्कूलों में यूनिफॉर्म स्वेटर में लापरवाही रोकने के लिए इस बार शासन ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी एप में स्कूलों की फीडिंग हो रही है।
इसके तहत स्कूल में पढ़ने वाले छात्र या उनके अभिभावकों का आधार भी लिंक किया जाएगा। अगर कोई भी अभिभावक अपने छात्र का दाखिला एक से अधिक स्कूल में कराएगा तो उसे पकड़ लिया जाएगा। इसी के तहत सभी स्कूलों के डाटा फीडिंग का काम चल रहा है।
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ऐसे में करीब 144 स्कूल है जिन्होंने अभी तक डाटा फिटिंग का काम पूरा नहीं कराया है जिस वजह से उनके बच्चों को यूनिफॉर्म स्वेटर जूते मोजे नहीं मिले हैं। शहर के 144 प्रधानाध्यापक ऐसे भी पाए गए हैं कि उनके यहां से एक भी छात्र की फीडिंग नहीं हुई है।
विभाग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि वास्तव में तकनीकी कारणों से इन स्कूलों के बच्चों की फीडिंग शो नहीं हो रही है या फीड ही नहीं की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ पवन तिवारी का कहना है कि कई ऐसे स्कूल सामने आए हैं जिन्होंने अभी तक डाटा फीडिंग नहीं कराई है। पहले जांच की जा रही है कि कारण क्या है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जहां शिक्षकों की लापरवाही से डाटा फीडिंग का काम नहीं हुआ है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिषदीय स्कूलों में यूनिफॉर्म स्वेटर में लापरवाही रोकने के लिए इस बार शासन ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी एप में स्कूलों की फीडिंग हो रही है।
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इसके तहत स्कूल में पढ़ने वाले छात्र या उनके अभिभावकों का आधार भी लिंक किया जाएगा। अगर कोई भी अभिभावक अपने छात्र का दाखिला एक से अधिक स्कूल में कराएगा तो उसे पकड़ लिया जाएगा। इसी के तहत सभी स्कूलों के डाटा फीडिंग का काम चल रहा है।
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ऐसे में करीब 144 स्कूल है जिन्होंने अभी तक डाटा फिटिंग का काम पूरा नहीं कराया है जिस वजह से उनके बच्चों को यूनिफॉर्म स्वेटर जूते मोजे नहीं मिले हैं। शहर के 144 प्रधानाध्यापक ऐसे भी पाए गए हैं कि उनके यहां से एक भी छात्र की फीडिंग नहीं हुई है।
विभाग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि वास्तव में तकनीकी कारणों से इन स्कूलों के बच्चों की फीडिंग शो नहीं हो रही है या फीड ही नहीं की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ पवन तिवारी का कहना है कि कई ऐसे स्कूल सामने आए हैं जिन्होंने अभी तक डाटा फीडिंग नहीं कराई है। पहले जांच की जा रही है कि कारण क्या है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।