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कानपुर: कागजों में 115 विद्यार्थी, उपस्थिति शून्य, सभी शिक्षकों का वेतन रोका, पांच दिन में मांगा स्पष्टीकरण
Sat, 24 Oct 2026 11:45 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:45 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परमट के श्री सरस्वती ब्रह्मचर्याश्रम संस्कृत महाविद्यालय के ऑनलाइन निरीक्षण में शनिवार को 115 विद्यार्थियों में से एक भी उपस्थित नहीं मिला। इस पर डीआईओएस प्रवीण कुमार तिवारी ने सभी शिक्षकों का अक्तूबर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। सभी को पांच दिन में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस के अनुसार, महाविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के नियमित उपस्थित नहीं होने के साथ ही प्राचार्य पर शिक्षकों से वसूली कर उन्हें उपस्थिति से छूट देने की शिकायत मिली थी। इस पर शनिवार को वीडियो कॉल के माध्यम से प्राचार्य उमानाथ पांडेय से बात की गई। प्राचार्य ने बताया कि माध्यमिक स्तर पर 60 और महाविद्यालय स्तर पर 55 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन शनिवार को छात्र संख्या शून्य थी। केवल प्राचार्य उमानाथ पांडेय और शिक्षिका प्रीति उपस्थित थीं। शिक्षक आशुतोष मिश्रा और कमलेश नदारद पाए गए।
डीआईओएस ने पत्र में उल्लेख किया कि वह पहले दो बार निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन दोनों बार महाविद्यालय बंद मिला। मामले की प्रतिलिपि संयुक्त शिक्षा निदेशक और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।
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डीआईओएस के अनुसार, महाविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के नियमित उपस्थित नहीं होने के साथ ही प्राचार्य पर शिक्षकों से वसूली कर उन्हें उपस्थिति से छूट देने की शिकायत मिली थी। इस पर शनिवार को वीडियो कॉल के माध्यम से प्राचार्य उमानाथ पांडेय से बात की गई। प्राचार्य ने बताया कि माध्यमिक स्तर पर 60 और महाविद्यालय स्तर पर 55 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन शनिवार को छात्र संख्या शून्य थी। केवल प्राचार्य उमानाथ पांडेय और शिक्षिका प्रीति उपस्थित थीं। शिक्षक आशुतोष मिश्रा और कमलेश नदारद पाए गए।
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डीआईओएस ने पत्र में उल्लेख किया कि वह पहले दो बार निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन दोनों बार महाविद्यालय बंद मिला। मामले की प्रतिलिपि संयुक्त शिक्षा निदेशक और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।
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